परिचय: क्या है 3I/ATLAS और क्यों है यह इतना खास?
3I/ATLAS (3I/एटलस) एक साधारण धूमकेतु नहीं है। यह एक अंतरतारकीय पिंड (Interstellar Object – ISO) है, जिसका अर्थ है कि यह हमारे सूर्य के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर, किसी दूसरे तारे के सौरमंडल से आया है। जुलाई 2025 में इसकी खोज के बाद से, इस रहस्यमय मेहमान ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों के बीच जबरदस्त जिज्ञासा पैदा की है।
इसे आधिकारिक तौर पर C/2025 L2 (ATLAS) या संक्षेप में 3I/ATLAS नाम दिया गया है। नाम में ‘I’ Interstellar (अंतरतारकीय) को दर्शाता है, और ‘3’ इंगित करता है कि यह मानव इतिहास में खोजा गया तीसरा ऐसा अंतरतारकीय पिंड है (पहले दो थे ‘ओउमुआमुआ’ और ‘बोरिसोव’)। ‘ATLAS’ उस टेलीस्कोप प्रणाली का नाम है जिसने इसे पहली बार देखा था।
3I/ATLAS विशेष है क्योंकि यह हमें ब्रह्मांड के सुदूर कोनों से सामग्री का नमूना प्रदान करता है, जिससे हमें यह समझने का मौका मिलता है कि अन्य तारों के आसपास ग्रह और धूमकेतु कैसे बनते हैं।
3I/ATLAS क्या है? एक धूमकेतु या कुछ और?

वैज्ञानिकों ने 3I/ATLAS को एक धूमकेतु के रूप में वर्गीकृत किया है क्योंकि सूर्य के पास आने पर इसने विशिष्ट धूमकेतु जैसी गतिविधि दिखाई – यानी, इसकी बर्फीली सतह से गैस और धूल निकलना (जिसे कोमा या पूँछ कहा जाता है)।
| विशेषता | विवरण | महत्व |
| नामकरण | 3I/ATLAS | ‘I’ इंटरस्टेलर (Interstellar) और ‘3’ तीसरा खोजा गया पिंड। |
| प्रकृति | अंतरतारकीय धूमकेतु (Interstellar Comet) | यह हमारे सूर्य के बजाय किसी अन्य तारे के चारों ओर बना है। |
| कक्षा (Orbit) | हाइपरबोलिक (Hyperbolic Trajectory) | यह सूर्य से गुरुत्वाकर्षण द्वारा बंधा नहीं है, यह एक बार हमारे सौरमंडल से गुजरेगा और फिर हमेशा के लिए बाहर निकल जाएगा। |
| गति | लगभग 57 किमी/सेकंड | यह गति इतनी अधिक है कि यह पुष्टि करती है कि यह हमारे सौरमंडल से उत्पन्न नहीं हुआ है। |
| आकार (अनुमानित) | लगभग 440 मीटर से 5.6 किलोमीटर व्यास (Manhattan-sized) | यह इसे पिछले अंतरतारकीय पिंडों की तुलना में बड़ा बनाता है। |
यह एक “अंतरतारकीय आगंतुक” है जो अरबों वर्षों तक तारों के बीच यात्रा करने के बाद हमारे सौरमंडल से गुजर रहा है।https://science.nasa.gov/solar-system/comets/3i-atlas/
उत्पत्ति: 3I/ATLAS आया कहाँ से?
3I/ATLAS की उत्पत्ति खगोल विज्ञानियों के लिए सबसे रोमांचक विषय है। इसकी कक्षा के गहन विश्लेषण से इसकी अंतरतारकीय यात्रा की पुष्टि होती है:
1. अपरिचित यात्रा-पथ (Trajectory):
धूमकेतु 3I/ATLAS एक हाइपरबोलिक कक्षा पर यात्रा कर रहा है। इसका अर्थ है कि इसकी गति इतनी अधिक है कि यह हमारे सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाएगा और कभी वापस नहीं आएगा।
- मूल क्षेत्र: वैज्ञानिकों ने इसकी गति और दिशा का पता लगाकर अनुमान लगाया है कि यह आकाशगंगा (Milky Way) के ‘थिक डिस्क’ क्षेत्र से आया हो सकता है। यह क्षेत्र प्राचीन तारों से भरा हुआ है।
- आयु का अनुमान: कुछ मॉडलों के अनुसार, 3I/ATLAS की आयु हमारे सौरमंडल (लगभग 4.5 अरब वर्ष) से भी अधिक हो सकती है—संभवतः 7 अरब वर्ष या उससे भी अधिक। यह इसे अब तक देखा गया सबसे पुराना धूमकेतु बना सकता है, जो हमारे सौरमंडल के निर्माण से पहले की सामग्री को ले जा रहा है।
2. गैलेक्सी के ‘थिक डिस्क’ का रहस्य:
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के डॉ. मैथ्यू हॉपकिंस (Dr. Matthew Hopkins) जैसे खगोलविदों ने उल्लेख किया है कि इस पिंड का ‘थिक डिस्क’ से जुड़ा होना महत्वपूर्ण है।
डॉ. मैथ्यू हॉपकिंस (Dr. Matthew Hopkins) के अनुसार: “हमारे सौरमंडल के सभी धूमकेतु लगभग 4.5 अरब साल पहले बने थे, लेकिन 3I/ATLAS जैसे अंतरतारकीय धूमकेतु उससे बहुत पहले बने होंगे, संभवतः यह अब तक का सबसे पुराना देखा गया धूमकेतु हो सकता है।”
यह हमें अन्य आकाशगंगा प्रणालियों के गठन और विकास की जानकारी देता है, जहाँ रासायनिक और भौतिक स्थितियाँ हमारे अपने सौरमंडल से बहुत अलग रही होंगी।
3I/ATLAS की रासायनिक संरचना (Composition): क्या है इसके अंदर?

अंतरिक्ष से आया यह यात्री अपने साथ कुछ असामान्य रासायनिक हस्ताक्षर लेकर आया है, जिसने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है:
1. जल और कार्बन डाइऑक्साइड (Water and CO_2) :
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) और अन्य उपकरणों के अवलोकन से पता चला है कि 3I/ATLAS सक्रिय रूप से गैसों का उत्सर्जन कर रहा है।
- कार्बन डाइऑक्साइड CO2 की प्रचुरता: स्पेक्ट्रोस्कोपिक अध्ययनों में 3I/ATLAS के कोमा में पानी (H2O की तुलना में CO_2 का अनुपात बहुत अधिक पाया गया है। यह अनुपात अब तक देखे गए किसी भी धूमकेतु में सबसे अधिक है।
- जल का प्रमाण: नासा ने 3I/ATLAS से हाइड्रॉक्सिल (OH) गैस की पहली बार पहचान की, जो जल वाष्प की उपस्थिति का संकेत है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पुष्टि करता है कि इसमें हमारे सौरमंडल के धूमकेतुओं के समान ही पानी का एक आवश्यक घटक मौजूद है।
2. असामान्य धातु सामग्री (Unusual Metal Content):
सबसे आश्चर्यजनक खोजों में से एक अत्यंत ठंडी दूरी पर निकेल वाष्प (Atomic Nickel Vapor) की उपस्थिति थी।
- निकेल की मात्रा: वैज्ञानिकों ने ऐसी दूरी पर निकेल का पता लगाया जहाँ धातुएँ सामान्यतः गैसीय अवस्था में नहीं बदलतीं।
- कम आयरन (Iron): 3I/ATLAS में आयरन की मात्रा कम और निकेल की सांद्रता असामान्य रूप से उच्च पाई गई है।
इन असामान्यताओं ने कुछ वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इसकी उत्पत्ति और इतिहास हमारे सौरमंडल के ज्ञात धूमकेतुओं से काफी भिन्न है।
वैज्ञानिक और NASA के बयान: एलियन या प्रकृति का करिश्मा
3I/ATLAS ने वैज्ञानिक समुदाय को दो प्रमुख समूहों में विभाजित कर दिया है: एक जो इसे प्राकृतिक धूमकेतु मानते हैं और दूसरा जो इसकी अजीबोगरीब विशेषताओं के कारण इसे बाह्य-ग्रह तकनीक मानने की संभावना तलाशते हैं।
1. नासा का आधिकारिक दृष्टिकोण (NASA’s Official Stance):
नासा और उसके समर्थित अवलोकन प्रणाली ATLAS ने इस बात की पुष्टि की है कि 3I/ATLAS एक प्राकृतिक धूमकेतु है और इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है।
NASA का बयान (सारांशित):
“धूमकेतु 3I/ATLAS हमारे सौरमंडल से परे का एक दुर्लभ और आकर्षक आगंतुक है, जो वैज्ञानिकों को अन्य तारा प्रणालियों की सामग्री और व्यवहार में एक अनूठी झलक प्रदान करता है। यह पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है। यह बस गुजर रहा है, और इसके अवलोकन से हमें ब्रह्मांड के बारे में और जानने का अवसर मिल रहा है।”
नासा के हबल और जेम्स वेब टेलीस्कोप ने इसके नाभिक और सक्रिय कोमा की स्पष्ट तस्वीरें लेकर इसकी धूमकेतु प्रकृति की पुष्टि की है।
2. हार्वर्ड के खगोल वैज्ञानिक Avi Loeb का बयान:
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खगोल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर एवी लोएब (Avi Loeb) ने अपनी विवादास्पद टिप्पणियों से इस बहस को हवा दी है। वह पहले भी ‘ओउमुआमुआ’ को एलियन तकनीक मान चुके हैं।
प्रोफेसर एवी लोएब (Avi Loeb) का उद्धरण:
“एक प्राकृतिक धूमकेतु के लिए, यह [सूर्य के करीब आने पर इसका] नीला रंग बहुत आश्चर्यजनक है। धूल से बिखरा हुआ सूर्य का प्रकाश लाल होना चाहिए…। नीली उपस्थिति 3\I ATLAS के अप्रत्याशित गुणों की सूची में एक नौवीं विसंगति है। इसे संभावित रूप से एक गर्म इंजन या कृत्रिम प्रकाश के स्रोत द्वारा समझाया जा सकता है।”
एक अन्य संदर्भ में, उन्होंने कहा: “हमें जिज्ञासा को बनाए रखना चाहिए। सबसे बड़ा खतरा यह है कि हम इस बात पर जोर दें कि सभी अंतरतारकीय वस्तुएं चट्टानें हैं।”
लोएब का तर्क है कि 3\I ATLAS की असामान्य विशेषताएँ—जैसे गैर-गुरुत्वाकर्षण त्वरण (Non-gravitational acceleration), सूर्य की ओर पूँछ (Anti-tail), और असामान्य रासायनिक संरचना—संकेत देती हैं कि यह एलियन तकनीक हो सकती है जो जानबूझकर हमारे सौरमंडल में भेजी गई हो।
3. मुख्यधारा के वैज्ञानिकों का मत:
अधिकांश वैज्ञानिक मानते हैं कि 3\I ATLAS एक प्राकृतिक पिंड है। वे असामान्यताओं की व्याख्या धूमकेतु भौतिकी (Cometary Physics) के नए मॉडलों के साथ करते हैं:
- पानी की बर्फ के बजाय CO_2जैसे अधिक अस्थिर पदार्थों के उत्सर्जन के कारण होने वाले छोटे और असामान्य गैस जेट।
- निकेल जैसी धातुएँ कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य यौगिकों के साथ मिलकर कम तापमान पर भी गैसीय अवस्था में बदल सकती हैं।
4. एलियन तकनीक की अवधारणा: प्रोफेसर एवी लोएब के विवादास्पद सिद्धांत (3I/ATLAS: एलियन तकनीक या ब्रह्मांड का प्राकृतिक करिश्मा? (The Extraterrestrial Debate)
जब भी कोई अंतरतारकीय पिंड (Interstellar Object) हमारे सौरमंडल में प्रवेश करता है, तो हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खगोल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर एवी लोएब (Professor Avi Loeb) का नाम चर्चा में आ जाता है। ‘ओउमुआमुआ’ के बाद, 3I/ATLAS पर भी उन्होंने boldly यह सिद्धांत दिया है कि इसकी कुछ असामान्य विशेषताएँ इसे प्राकृतिक धूमकेतु के बजाय बाह्य-ग्रह सभ्यता (Extraterrestrial Civilization) द्वारा निर्मित तकनीकी कलाकृति (Technological Artefact) या जासूसी यान (Recon Probe) सिद्ध कर सकती हैं।
लोएब की थ्योरी 3I/ATLAS के असामान्य व्यवहार पर टिकी है, जिन्हें वह प्राकृतिक धूमकेतु भौतिकी से समझाना मुश्किल मानते हैं।
1. अप्राकृतिक त्वरण (Non-Gravitational Acceleration):
सबसे बड़ा तर्क 3I/ATLAS के अप्राकृतिक त्वरण से आता है।
- दावा: नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) के एक नेविगेशन इंजीनियर ने डेटा फ़ाइल किया कि 3I/ATLAS सूर्य के पास अपने पेरिहेलियन (Perihelion) के दौरान केवल गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण अपेक्षित गति से अधिक गति से दूर जा रहा था।
- लोएब का तर्क: प्रोफेसर लोएब इसे एक तकनीकी हस्ताक्षर मानते हैं। उनके अनुसार, यह त्वरण एक आंतरिक इंजन (Internal Engine) या नियंत्रित थ्रस्ट का परिणाम हो सकता है, जो धूमकेतु को गुरुत्वाकर्षण के अलावा एक अलग दिशा में धकेल रहा हो। यह एक स्पेसशिप या प्रोब का संकेत हो सकता है, जो सौरमंडल में अपनी दिशा को समायोजित कर रहा हो।
- वैज्ञानिकों की प्रतिक्रिया: मुख्यधारा के वैज्ञानिक इस त्वरण को धूमकेतु आउटगैसिंग (Cometary Outgassing) का सामान्य प्रभाव मानते हैं—जब बर्फ पिघलती है, तो गैस एक छोटे रॉकेट थ्रस्ट की तरह काम करती है। हालांकि, लोएब जवाब देते हैं कि 3I ATLAS में यह त्वरण अन्य ज्ञात धूमकेतुओं से अलग और अधिक अप्रत्याशित है।
2. नीले रंग का रहस्य और निकेल का अनुपात (Blue Color and Nickel Anomaly):
3I/ATLAS में दो अन्य रहस्यमय विशेषताएँ हैं:
- रंग बदलना: सूर्य के पास पहुंचने पर यह अचानक “सूर्य से अधिक नीला” (Bluer than the Sun) हो गया।
- लोएब का तर्क: लोएब का सुझाव है कि यह नीला रंग किसी गर्म इंजन या कृत्रिम प्रकाश स्रोत की उपस्थिति को समझा सकता है।
- वैज्ञानिकों की प्रतिक्रिया: खगोलविदों का कहना है कि यह अत्यधिक अस्थिर गैसों, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड CO_2, के बड़े पैमाने पर उत्सर्जन के कारण हो सकता है, जो लाल धूल के बजाय नीली रोशनी को अधिक बिखेरता है।
- रासायनिक संरचना: 3I/ATLAS में निकेल वाष्प (Nickel Vapor) की मात्रा बहुत अधिक और आयरन की मात्रा कम पाई गई है।
- लोएब का तर्क: यह असामान्य मिश्रण प्राकृतिक धूमकेतुओं में नहीं देखा जाता है। यह एक इंजीनियर्ड मिश्र धातु (Engineered Alloy) या ऐसी धातु-समृद्ध संरचना का संकेत दे सकता है जो जानबूझकर बनाई गई हो।
3. ‘मदरशिप’ और ‘मिनी-प्रोब’ की थ्योरी:
लोएब ने सबसे सनसनीखेज दावा किया कि $3\text{I}/\text{ATLAS}$ एक ‘मदरशिप’ हो सकता है जो मिनी-प्रोब छोड़ रहा हो।
प्रोफेसर एवी लोएब (Avi Loeb) का उद्धरण:
“पेरिहेलियन (सूर्य के सबसे करीब) का समय किसी भी इंजन द्वारा त्वरण या मंदी के लिए इष्टतम होता है… यह एक मदरशिप के लिए भी सही है जो ग्रहों की ओर युद्धाभ्यास करने वाले मिनी-प्रोब जारी कर रहा हो।”
यह सिद्धांत फर्मि विरोधाभास (Fermi Paradox) के डार्क फॉरेस्ट रेजोल्यूशन (Dark Forest Resolution) से प्रेरित है, जहां बाहरी सभ्यताओं को चुप रहने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वे चुपचाप जासूसी के लिए प्रोब भेज सकती हैं।
वैज्ञानिक समुदाय का खंडन और मतैक्य (The Scientific Counter-Argument)
हालांकि लोएब के सिद्धांत जनता और मीडिया में सनसनी पैदा करते हैं, लेकिन मुख्यधारा के खगोलविद 3I/ATLAS को प्राकृतिक अंतरतारकीय धूमकेतु मानने पर लगभग एकमत हैं। उनका मानना है कि इसकी असामान्य विशेषताओं को भी धूमकेतु भौतिकी के भीतर समझा जा सकता है: https://timesofindia.indiatimes.com/science/is-3i/atlas-a-comet-or-something-else-the-debate-continues-/articleshow/125121226.cms
1. प्राकृतिक धूमकेतु व्यवहार (Natural Comet Behavior):
नासा और अन्य प्रमुख वेधशालाओं के डेटा वैज्ञानिक टॉम स्टेटलर (Tom Statler) ने सीधे लोएब के दावों को खारिज कर दिया है।
नासा के लघु-पिंड वैज्ञानिक टॉम स्टेटलर (Tom Statler) का उद्धरण:
“यह एक धूमकेतु जैसा दिखता है। यह धूमकेतु वाली चीजें करता है। यह उन धूमकेतुओं से लगभग हर तरह से बहुत मिलता-जुलता है जिन्हें हम जानते हैं। सबूत भारी बहुमत से यह इंगित करते हैं कि यह वस्तु एक प्राकृतिक पिंड है। यह एक धूमकेतु है।”
- एंटी-पूंछ (Anti-Tail): लोएब जिस ‘एंटी-पूंछ’ (सूर्य की ओर इशारा करती पूँछ) को कृत्रिम मानते हैं, खगोलविदों का कहना है कि यह एक ऑप्टिकल भ्रम (Optical Illusion) है, जो पृथ्वी से देखने के कोण के कारण होता है। 1957 में धूमकेतु एरेन्ड-रोलैंड जैसी कई प्राकृतिक धूमकेतुओं में यह विशेषता पहले भी देखी जा चुकी है।
- निकेल की व्याख्या: वैज्ञानिक मानते हैं कि धूमकेतु में निकेल जैसी धातुएँ कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य अस्थिर यौगिकों के साथ मिलकर कम तापमान पर भी गैसीय अवस्था में बदल सकती हैं। यह इसकी बाहरी उत्पत्ति के कारण हो सकता है, जहां रासायनिक और थर्मल स्थितियां हमारे सौरमंडल के धूमकेतुओं से अलग थीं।
2. ‘ब्लैक स्वान’ का अतिरंजित वर्णन:
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के खगोल भौतिक विज्ञानी क्रिस लिंटॉट (Chris Lintott) जैसे वैज्ञानिकों ने लोएब की ‘ब्लैक स्वान’ (एक दुर्लभ घटना जो वैज्ञानिक समझ को बदल दे) की अवधारणा को खारिज कर दिया है।
क्रिस लिंटॉट (Chris Lintott) का उद्धरण:
“यह सुझाव कि यह कृत्रिम है, ‘बैसाखियों पर बकवास’ (nonsense on stilts) है, और इस वस्तु को समझने के लिए किए जा रहे रोमांचक काम का अपमान है।”
उनका कहना है कि 3I Atlas सिर्फ यह साबित करता है कि हमने अभी तक अंतरतारकीय मलबे का पर्याप्त अध्ययन नहीं किया है, न कि यह कि यह भौतिकी के नियमों को फिर से लिख रहा है।
निष्कर्ष: विज्ञान, जिज्ञासा और भविष्य
3I/ATLAS ब्रह्मांड के एक रहस्य को सामने लाता है: क्या हम अकेले हैं? जबकि अधिकांश डेटा इस ओर इशारा करते हैं कि यह दूसरे तारे के सौरमंडल से आया हुआ एक प्राचीन और असामान्य धूमकेतु है, प्रोफ़ेसर लोएब की आवाज़ यह सुनिश्चित करती है कि वैज्ञानिक समुदाय किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ न करे।
यह बहस महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें सिखाती है कि हमारी पारंपरिक अपेक्षाओं से परे क्या हो सकता है। चाहे 3I ATLAS एक प्राकृतिक पिंड हो जो हमें ब्रह्मांडीय रसायन विज्ञान के बारे में सिखाता है, या एक तकनीकी हस्ताक्षर हो, यह सुनिश्चित है कि यह हमारे सौरमंडल के लिए एक अद्वितीय और अमूल्य अतिथि है।
3I/ATLAS का भविष्य का डेटा, विशेष रूप से बृहस्पति के पास से गुजरने के बाद प्राप्त होने वाली जानकारी, अंततः यह निर्धारित करने में मदद करेगी कि यह एक आइसबॉल (Iceball) है या एलियन इंजीनियरिंग (Alien Engineering) का एक टुकड़ा।
3I/ATLAS हमारे ब्रह्मांडीय पड़ोस का एक असाधारण क्षण है। यह बहस, चाहे वह एलियन अंतरिक्ष यान की हो या प्राचीन प्राकृतिक धूमकेतु की, विज्ञान की जिज्ञासा को दर्शाती है।
यह अंतरतारकीय आगंतुक हमें एक अनोखा अवसर देता है कि हम अपने सौरमंडल से बाहर के तारों के चारों ओर बनी सामग्री का अध्ययन करें। जैसे-जैसे वैज्ञानिक हबल, जेम्स वेब और अन्य दूरबीनों से डेटा का विश्लेषण करते रहेंगे, 3I/ATLAS के रहस्यमय इतिहास और संरचना के बारे में और अधिक परतों को उजागर किया जाएगा।
संक्षेप में, 3I/ATLAS एक धूमकेतु है—लेकिन एक ऐसा धूमकेतु जो किसी अन्य तारे की कहानी कहता है।
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