CRISPR: जीन एडिटिंग की क्रांतिकारी तकनीक (The Revolutionary Technology of Gene Editing)
I. प्रस्तावना: CRISPR क्या है? (Introduction: What is CRISPR?) परिभाषा: CRISPR जीन एडिटिंग (Clustered Regularly Interspaced Short Palindromic Repeats) एक क्रांतिकारी जीन एडिटिंग तकनीक है जो वैज्ञानिकों को आनुवंशिक सामग्री (DNA) को अत्यंत सटीकता से बदलने, हटाने या जोड़ने की अनुमति देती है। यह एक ऐसी जैविक प्रणाली है जिसे बैक्टीरिया ने लाखों वर्षों में विकसित किया है, और जिसे अब मानव प्रौद्योगिकी के लिए अनुकूलित (adapted) किया गया है। इसे अक्सर “आणविक कैंची” (Molecular Scissors) कहा जाता है, क्योंकि यह DNA की दोहरी लड़ी को किसी भी वांछित स्थान पर काटने में सक्षम है। सरल व्याख्या: इस तकनीक की कल्पना एक ऐसे ‘सर्च और रिप्लेस’ (Search and Replace) फंक्शन के रूप में की जा सकती है जो कंप्यूटर प्रोग्राम में कोड बदलने जैसा है, लेकिन यह क्रिया जीवित कोशिकाओं के अंदर, उनके मूल DNA में की जाती है। यह हमें जीवन के मूल ब्लूप्रिंट को फिर से लिखने की शक्ति देती है। प्रौद्योगिकी का महत्त्व: CRISPR ने आनुवंशिक अनुसंधान के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। इसकी सटीकता, गति, और कम लागत के कारण, इसके अनुप्रयोग चिकित्सा, कृषि और जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) के क्षेत्र में अभूतपूर्व संभावनाएँ पैदा करते हैं, जिसमें लाइलाज बीमारियों का स्थायी इलाज और खाद्य सुरक्षा में सुधार शामिल है। II. इतिहास और आविष्कार (History and Invention) – कौन और कब? A. CRISPR की शुरुआत (The Start of CRISPR) 1987: CRISPR की कहानी की शुरुआत तब हुई जब जापान के वैज्ञानिक योशिजुमी इशिन्ो (Yoshizumi Ishino) ने जीवाणु (ई. कोलाई, E. coli) के जीनोम में पहली बार CRISPR जैसे दोहराए जाने वाले DNA अनुक्रमों (Repeated DNA Sequences) की खोज की। उस समय, उन्हें यह नहीं पता था कि ये अजीबोगरीब सीक्वेंस क्या करते हैं और इनका क्या जैविक कार्य है। 2005: वर्षों बाद, फ्रांस के फ्रांसिस्को मोजीका (Francisco Mojica) ने सिद्ध किया कि ये CRISPR सीक्वेंस वास्तव में बैक्टीरिया के अनुकूली प्रतिरक्षा तंत्र (Adaptive Immune System) का एक अभिन्न हिस्सा हैं। ये सीक्वेंस अनिवार्य रूप से पुराने वायरल हमलों की याददाश्त के रूप में कार्य करते हैं, जिससे बैक्टीरिया भविष्य में समान वायरसों से बचाव कर सकता है। मोजीका ने ही सबसे पहले सुझाव दिया कि CRISPR एक रक्षात्मक उपकरण है। B. ‘आविष्कारक’ और प्रमुख सफलता (The ‘Inventors’ and Major Breakthrough) 2012 (The Breakthrough Year): CRISPR को एक एडिटिंग टूल के रूप में बदलने का सबसे बड़ा वैज्ञानिक कदम इसी वर्ष उठाया गया। वैज्ञानिक: यह सफलता मुख्य रूप से जेनिफर डोडना (Jennifer Doudna) (कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले) और इमैनुएल चारपेंटियर (Emmanuelle Charpentier) (तब स्वीडन में) के संयुक्त प्रयास से मिली। सफलता: डोडना और चारपेंटियर ने दिखाया कि Cas9 (CRISPR-associated protein 9) नामक एंजाइम के साथ CRISPR को जोड़कर, इसे एक प्रोग्रामेबल टूल में बदला जा सकता है। इसका मतलब है कि इसे किसी भी जीव के DNA को किसी भी वांछित स्थान पर काटने के लिए निर्देशित किया जा सकता है। यह खोज जीन एडिटिंग के लिए एक सटीक, तेज और सस्ता तरीका साबित हुई। नोबेल पुरस्कार: 2020 में, उन्हें इस अभूतपूर्व कार्य के लिए रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि जीन एडिटिंग विज्ञान और मानवता के लिए कितनी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। https://www.nobelprize.org/prizes/chemistry/2020/summary/ III. CRISPR की कार्यप्रणाली और जटिलता (Mechanism and Complexity) A. उपकरण: Cas9 और गाइड RNA (The Tools: Cas9 and Guide RNA) Cas9 प्रोटीन: यह वह मुख्य “कैंची” है जो DNA को काटती है। Cas9 वास्तव में एक न्यूक्लियेज एंजाइम (Nuclease Enzyme) है जो DNA की फॉस्फोडिएस्टर बैकबोन को तोड़ने की क्षमता रखता है। https://www.addgene.org/guides/crispr/ गाइड RNA (gRNA): यह वह “डाक कोड” या नेविगेटर है जो Cas9 प्रोटीन को DNA में लक्षित स्थान (Target Location) तक मार्गदर्शन करता है। gRNA लगभग 20 न्यूक्लियोटाइड लंबा होता है। यह लक्षित DNA अनुक्रम के पूरक (complementary) के रूप में डिज़ाइन किया जाता है। क्रियाविधि: gRNA और Cas9 एक साथ एक कॉम्प्लेक्स बनाते हैं। यह कॉम्प्लेक्स कोशिका के केंद्रक (Nucleus) में प्रवेश करता है। gRNA, DNA के लंबे स्ट्रैंड को स्कैन करता है। जैसे ही gRNA लक्षित DNA अनुक्रम को पहचानता है और उससे जुड़ता है, Cas9 को सक्रिय होने का निर्देश मिलता है, और यह ठीक उसी स्थान पर DNA की दोनों लड़ियों (डबल-स्ट्रैंड ब्रेक) को काट देता है। B. संपादन की जटिलता (Complexity in Editing) DNA कटने के बाद, कोशिका इसे जीवन-रक्षक प्रतिक्रिया के रूप में तुरंत ठीक करने की कोशिश करती है। वैज्ञानिक इसी मरम्मत प्रक्रिया का उपयोग वांछित बदलाव लाने के लिए करते हैं। 1. NHEJ (Non-Homologous End Joining): यह कोशिका द्वारा DNA को जोड़ने का सबसे आम और…
Read more




