मोहनजो‑दड़ो से पहले: भारत की सबसे प्राचीन मानव बस्तियों की कहानी
– The Swadesh Scoop भारत की सभ्यता का इतिहास प्राचीन और जटिल है। दशकों तक यह माना जाता रहा कि भारतीय सभ्यता की शुरुआत मोहनजो‑दड़ो (Mohenjo‑Daro) और हड़प्पा (Harappa) जैसी महान शहरी बस्तियों से ही हुई थी। लेकिन जैसे-जैसे पुरातत्व और वैज्ञानिक तिथि-निर्धारण (dating) की तकनीकें उन्नत हुईं, विशेषज्ञों ने इस धारणा को चुनौती दी और दिखाया कि भारत में सभ्यता की कहानी कहीं अधिक प्राचीन और निरंतर है। यह लेख बड़ी विस्तार से उन प्राचीन बस्तियों, खोजकर्ताओं, तिथि-निर्धारण के परिणामों, वैज्ञानिक शोध और शोध पत्रों के आधार पर भारत की सभ्यता का वास्तविक स्वरूप प्रस्तुत करता है, ताकि पाठक स्पष्ट रूप से समझ सकें कि इतिहास की समझ कैसे बदल रही है। मोहनजो‑दड़ो: इतिहास की ‘पहली’ सभ्यता? मोहनजो‑दड़ो और हड़प्पा, सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization — IVC) के सबसे प्रसिद्ध केंद्र हैं, जिनकी तिथियाँ लगभग 3300 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच हैं। यह वह दौर है जब बड़े शहर, उन्नत जल-निकासी और व्यवस्थित नगर योजना विकसित हुई। (msuniv.ac.in) मोहनजो‑दड़ो का पहला खाका 1911-12 में डी. आर. हंडरकर (D. R. Handarkar) ने देखा था पर उन्होंने इसे प्राचीन नहीं माना; बाद में आर. डी. बनर्जी (R. D. Banerji) ने इसे पहचान कर 1920 के दशक में पुरातत्व जगत में प्रवेश दिलाया। (fullhousetourism.com) लेकिन यह केवल उन्नत शहरों की शुरुआत का प्रतीक है — सभ्यता की शुरुआत नहीं। मेरगढ़ (Mehrgarh): भारत के पहले किसान और बस्ती जीवन की शुरुआत खोज और स्थान मेरगढ़, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के Kacchi Plain में स्थित है। इसे 1974 में फ्रांसीसी पुरातत्वविदों Jean‑François Jarrige और Catherine Jarrige की टीम ने खोजा। (en.wikipedia.org) काल और तिथि मेरगढ़ लगभग 7000 ईसा पूर्व से लेकर 2500 ईसा पूर्व तक लगातार बसा रहा। शुरुआती बस्तियाँ लगभग 7000–5250 ईसा पूर्व के हैं। (en.wikipedia.org) जीवनशैली और तकनीक मेरगढ़ के निवासी मिट्टी के घर बनाते थे, अनाज भंडारित करते थे, स्थानीय तांबे के अयस्क से उपकरण बनाते थे और छोटे-बड़े बर्तन बनाते थे। यहाँ गेहूँ, छह-कड़ी जौ और जुगूबे जैसी फसलों का प्रमाण मिला है, और भेड़, बकरी तथा पशुधन पर आधारित पशुपालन के निशान मिले हैं। बाद के काल में लोग फ्लिंट नक्काशी, छाल कार्य, मोती निर्माण और धातु कार्य में कौशल विकसित कर चुके थे। (en.wikipedia.org) महत्व मेरगढ़ ने मानव इतिहास में स्थायी बस्ती और कृषि जीवन की नींव रखी। भिरराना (Bhirrana): भारत का सबसे पुराना ज्ञात प्राचीन स्थल खोज और सर्वेक्षण भिरराना, हरियाणा के फ़तेहाबाद जिले में स्थित है। यह स्थल 2003–2006 के दौरान खुदाई के दौरान प्रमुख पुरातत्विक स्थल के रूप में सामने आया। (en.wikipedia.org) सबसे पुराना प्रमाणित तिथि भिरराना में चारकोल सैंपल और रेडियो-कार्बन तिथि-निर्धारण से पता चला कि यह लगभग 7570–6200 ईसा पूर्व का है। (timesofindia.indiatimes.com) भिरराना की परतें और निरंतरता भिरराना के निचले स्तरों में Hakra Ware संस्कृति के अवशेष मिले। उच्च स्तरों में प्रारंभिक गाँव से लेकर मध्यम और पूर्ण-हड़प्पन अवधि तक की संरचनाएँ दिखाई देती हैं। (en.wikipedia.org) भिरराना की विशेषताएँ मिट्टी के घर, सीधी सड़कें, टेराकोटा बर्तन, तांबे के उपकरण, मोती, shell आभूषण, और खेती के प्रमाण मिले। राखीगढ़ी (Rakhigarhi): सबसे बड़ा आदिवासी-पूर्व-हड़प्पन नगर खोज और खुदाई राखीगढ़ी, हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। इसकी खुदाई 1963 से जारी है। (en.wikipedia.org) क्षेत्रीय विस्तार और महत्व राखीगढ़ी का क्षेत्र लगभग 300-350 हेक्टेयर तक फैला हुआ है। (livemint.com) काल और परतें • Pre-Harappan (6000?/4600-3300 ईसा पूर्व)• Early Harappan (3300–2600 ईसा पूर्व)• Mature Harappan (2600–1900 ईसा पूर्व) DNA शोध और ऐतिहासिक जानकारी Rakhigarhi से प्राप्त DNA विश्लेषण से पता चला कि यह लोग स्थानीय दक्षिण एशियाई वंश के थे। (subhashkak.medium.com) अन्य स्थल और निरंतरता • कुणाल (Haryana): भिरराना के समकालीन। (en.wikipedia.org)• Sothi (Rajasthan): 4600 ईसा पूर्व के अवशेष। (en.wikipedia.org) विज्ञान और तिथि-निर्धारण • Carbon-14 (C‑14) डेटिंग• Stratigraphy• DNA अनुक्रमण (sequencing) इन तकनीकों से पता चलता है कि मानव सभ्यता भारत में लगातार विकसित हुई, न कि अचानक आई। निष्कर्ष: इतिहास का नया परिप्रेक्ष्य • भारत में मानव-आधारित कृषि और स्थायी बस्ती का विकास हजारों साल पहले हुआ।• भिरराना और राखीगढ़ी जैसी साइट्स यह दिखाती हैं कि सभ्यता की निरंतरता थी।• DNA और वैज्ञानिक डेटिंग सिद्धांतों से पता चलता है कि सभ्यता स्थानीय थी। इतिहास को अब केवल मोहनजो‑दड़ो से शुरू नहीं देखा जा सकता। यह एक लंबी, समृद्ध मानव विकास की कथा है। संदर्भ सूची — References Read this : प्राचीन सभ्यताओं का खोया हुआ ज्ञान: क्या हम उसे वापस पा सकते हैं? http://top-5-cars-under-5-lakh-india
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