ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो (Meesho) ने भारतीय शेयर बाजार (दलाल स्ट्रीट) में एक मजबूत और सफल शुरुआत की है। अपनी किफायती और वैल्यू-ड्रिवन ई-कॉमर्स रणनीति के लिए जानी जाने वाली इस कंपनी के ₹5,421 करोड़ के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। बुधवार, 10 दिसंबर को इसकी लिस्टिंग उम्मीद से कहीं बेहतर रही, जिसने इस साल के सबसे keenly-followed तकनीकी लिस्टिंग में अपनी जगह बना ली है।
1. लिस्टिंग का विवरण: प्रीमियम और निवेशकों की कमाई
मीशो के शेयर की लिस्टिंग ने सभी को चौंका दिया। कंपनी ने अपने शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड ₹111 प्रति शेयर तय किया था।
- NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर डेब्यू: मीशो का शेयर ₹162.50 पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस पर 46.40% का भारी प्रीमियम दर्शाता है।
- BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर डेब्यू: वहीं, BSE पर यह शेयर ₹161.20 पर सूचीबद्ध हुआ, जो 45.23% का प्रीमियम था।
इस बंपर लिस्टिंग ने उन निवेशकों को तुरंत लाभ पहुँचाया जिन्हें शेयर आवंटित हुए थे। एक अनुमान के मुताबिक, जिन खुदरा निवेशकों को 135 शेयरों का एक लॉट आवंटित हुआ था, उन्हें लिस्टिंग के दिन ही प्रति लॉट ₹21,937.5 के करीब सीधा लाभ मिला। लिस्टिंग के तुरंत बाद, शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग में ₹177.55 के उच्च स्तर तक पहुँच गया, जो इश्यू प्राइस से लगभग 60% अधिक था।https://economictimes.indiatimes.com/meesho-ipo-subscription-details-live
2. IPO को जबरदस्त सब्सक्रिप्शन (Subscription)
मीशो के आईपीओ को सभी श्रेणियों के निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया था। यह IPO 3 दिसंबर को खुला और 5 दिसंबर को बंद हुआ।
| श्रेणी (Category) | सब्सक्रिप्शन गुना (Times Subscribed) |
|---|---|
| योग्य संस्थागत खरीदार (QIB) | 120.18 गुना |
| गैर-संस्थागत निवेशक (NII/HNI) | 38.16 गुना |
| खुदरा निवेशक (Retail Investors) | 19.08 गुना |
| कुल सब्सक्रिप्शन | 79 गुना |
कुल मिलाकर, मीशो के आईपीओ को 79 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जो बाजार में कंपनी के व्यापार मॉडल पर जबरदस्त भरोसे का संकेत देता है। QIBs की भागीदारी सबसे अधिक रही, जो बड़े संस्थागत निवेशकों के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाती है। https://www.livemint.com/market/ipo/meesho-ipo-listing-shares-debut-at-46-premium-on-nse
3. कंपनी का वित्तीय स्कोरबोर्ड और रणनीति
मीशो की सफलता का मुख्य कारण उसकी ‘वैल्यू ई-कॉमर्स’ (Value E-commerce) रणनीति और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में गहरी पैठ है।
- राजस्व वृद्धि (Revenue Growth): कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025 में ₹9,390 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.3% अधिक था।
- घाटे में कमी (Narrowing Losses): मीशो अभी भी लाभ में नहीं आई है, लेकिन उसने अपने EBITDA घाटे को लगातार कम करने के संकेत दिए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि परिचालन उत्तोलन (operating leverage) में सुधार हुआ है।
- सकारात्मक कैश फ्लो: ICICI डायरेक्ट जैसे विश्लेषकों ने यह भी नोट किया कि मीशो ने पिछले दो वित्तीय वर्षों से लगातार सकारात्मक फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) बनाए रखा है, जो वित्तीय स्वास्थ्य के लिए एक मजबूत संकेत है।
- जीरो-कमीशन मॉडल: विक्रेताओं (Sellers) के लिए जीरो-कमीशन मॉडल और कंपनी की अपनी लॉजिस्टिक्स आर्म ‘Valmo’ ने इसे लागत को नियंत्रित करने और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने में मदद की है।
4. आगे का आउटलुक: विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
मीशो की मजबूत लिस्टिंग के बावजूद, विशेषज्ञों की राय मिली-जुली है:
- सकारात्मक पहलू (Bullish View):
- टियर-2 और टियर-3 ग्रोथ: कंपनी का 85% से अधिक कारोबार टॉप-8 शहरों के बाहर से आता है, जहाँ ई-कॉमर्स की वृद्धि दर बहुत अधिक है।
- आकर्षण मूल्यांकन (Attractive Valuation): लिस्टिंग के बाद भी, मीशो का मूल्यांकन (लगभग 5.5x प्राइस-टू-सेल्स) जोमैटो (Zomato) जैसे अन्य तकनीकी साथियों की तुलना में आकर्षक है।
- शुद्ध प्ले (Scarcity Premium): यह भारत की एकमात्र शुद्ध-प्ले वैल्यू ई-कॉमर्स कंपनी है, जो इसे बाजार में एक ‘दुर्लभता प्रीमियम’ (scarcity premium) प्रदान करती है।
- जोखिम और चिंताएं (Risks and Concerns):
- लाभप्रदता की राह: मीशो ने लाभ की ओर बढ़ने के संकेत दिए हैं, लेकिन लाभ को बनाए रखना एक चुनौती होगी, खासकर आक्रामक मूल्य प्रतिस्पर्धा वाले बाजार में।
- नकदी पर निर्भरता (Cash-on-Delivery): कैश-ऑन-डिलीवरी (CoD) पर निर्भरता अभी भी एक जोखिम है, जिससे धोखाधड़ी और ऑर्डर रद्द होने की दर बढ़ सकती है।
- प्रतिस्पर्धा: Amazon और Flipkart जैसे बड़े दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा हमेशा एक चुनौती बनी रहेगी।
निष्कर्ष:
मीशो की लिस्टिंग भारतीय ई-कॉमर्स और तकनीकी क्षेत्र में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है। जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले हैं, उन्हें शॉर्ट-टर्म में मुनाफावसूली करने और शेष शेयरों को मध्यम से लंबी अवधि के लिए रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कंपनी भारत के सबसे तेजी से बढ़ते वैल्यू-ई-कॉमर्स खंड में एक मजबूत स्थिति रखती है।
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