दिनांक: 22 दिसंबर, 2025
स्थान: नई दिल्ली/मुंबई
भारतीय और वैश्विक बाजार में आज सोने की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया और अंतरराष्ट्रीय बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सोने की हाजिर कीमत (Spot Gold) $4,383.76 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है। भारत में भी, MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना ₹1,34,000 के स्तर को पार करते हुए नए शिखर पर पहुंच गया है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर सोने की कीमतों में यह ‘तूफानी’ तेजी क्यों आ रही है और आने वाले दिनों में यह कहां तक जा सकती है।
सोने (Gold) की कीमतों में तेजी के 5 प्रमुख कारण (What’s Driving the Rally?)
1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की उदार नीति (Dovish Fed Policy)
अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) ने हाल ही में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कटौती की है, जिससे फंड रेट 3.50%–3.75% के दायरे में आ गया है। जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो डॉलर कमजोर होता है और सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों (Non-yielding assets) का आकर्षण बढ़ जाता है।http://सोना-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, जानें आज आपके शहर का भाव और तेजी की मुख्य वजहें
2. गहराता भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions)
दिसंबर 2025 में वैश्विक मंच पर अस्थिरता बढ़ी है। मिडिल ईस्ट में नए तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध का लंबा खिंचना और हाल ही में वेनेजुएला पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe-haven) की ओर धकेल दिया है।
3. भारतीय रुपये में ऐतिहासिक गिरावट (Weakening Indian Rupee)
भारतीय बाजार में सोने की कीमत केवल वैश्विक कीमतों पर नहीं, बल्कि डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर भी निर्भर करती है। दिसंबर 2025 में रुपया ₹90.83 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया है। रुपये की कमजोरी के कारण भारत में सोने का आयात महंगा हो गया है, जिससे घरेलू कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
4. सेंट्रल बैंकों द्वारा भारी खरीदारी (Central Bank Buying)
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाएं, अपनी विदेशी मुद्रा भंडार को ‘डी-डॉलराइजेशन’ (De-dollarization) की प्रक्रिया के तहत Gold में बदल रहे हैं। आरबीआई (RBI) भी लगातार अपने सोने के भंडार को बढ़ा रहा है, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
5. ईटीएफ (ETF) और संस्थागत निवेश में उछाल
पिछले कुछ महीनों में Gold ईटीएफ (Gold ETFs) में निवेश का प्रवाह (Inflow) काफी बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर ईटीएफ होल्डिंग्स 98 मिलियन औंस के पार पहुंच गई हैं, जो अक्टूबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है।
रियल-टाइम अपडेट: भारत के प्रमुख शहरों में आज का भाव (22 Dec 2025)
नीचे दी गई तालिका में भारत के विभिन्न शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा भाव दिए गए हैं:
| शहर | 24 कैरेट Gold (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट Gold (प्रति 10 ग्राम) |
| नई दिल्ली | ₹1,45,745 | ₹1,34,270 |
| मुंबई | ₹1,45,320 | ₹1,34,170 |
| कोलकाता | ₹1,44,060 | ₹1,34,200 |
| चेन्नई | ₹1,39,110 | ₹1,28,505 |
| बेंगलुरु | ₹1,38,825 | ₹1,28,505 |
नोट: ये कीमतें बाजार की स्थितियों और स्थानीय करों (GST) के आधार पर भिन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों की राय: क्या अभी निवेश करना सही है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में तेजी का यह रुख 2026 तक जारी रह सकता है। J.P. Morgan की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोना $5,000 प्रति औंस के स्तर को छू सकता है। हालांकि, तकनीकी संकेतकों (RSI) के अनुसार बाजार फिलहाल ‘ओवरबॉट’ (Overbought) स्थिति में है, इसलिए निवेशकों को किसी भी छोटी गिरावट (Correction) पर खरीदारी करने की सलाह दी जाती है।

निवेशकों के लिए टिप्स:
- DCA (Dollar Cost Averaging): एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय किश्तों में निवेश करें।
- Digital Gold & ETFs: फिजिकल गोल्ड के बजाय डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दें ताकि मेकिंग चार्ज और सुरक्षा की चिंता न रहे।
- Hallmarking: खरीदारी करते समय हमेशा BIS हॉलमार्क की जांच करें।
निष्कर्ष
दिसंबर 2025 सोने के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थितियों और कमजोर रुपये ने सोने को निवेश का सबसे मजबूत विकल्प बना दिया है। यदि आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करें।








