इंडिया बनाम साउथ अफ्रीका 2nd टेस्ट: भारत को 408 रन से करारी हार, सीरीज 2-0 से SA के नाम

भारत बनाम साउथ अफ्रीका 2nd में टेस्ट दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरे टेस्ट में 408 रनों से हराकर 2-0 से क्लीन स्वीप किया। यह जीत ऐतिहासिक है क्योंकि 25 साल बाद SA ने भारत में टेस्ट सीरीज़ जीतने का गौरव हासिल किया। मैच का सार भारत बनाम साउथ अफ्रीका 2nd में SA ने पहले ही दिन मैच पर पकड़ बना ली थी। पहलेinnings में उन्होंने 489 रन बनाकर भारत पर दबाव डाला। Tony de Zorzi (147) और Temba Bavuma (82) के अर्धशतक की बदौलत टीम ने मजबूत स्थिति बनाई। भारत की पहली पारी सिर्फ 201 रन पर समाप्त हुई। Yashasvi Jaiswal (68) और Washington Sundar (47) ने कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन Marco Jansen (6/68) और Simon Harmer (3/42) के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह रोक दिया। दूसरी पारी में SA ने 260/5 रन बनाकर घोषित किया। भारत के सामने जीत के लिए विशाल 549 रनों का लक्ष्य था। लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ फिर बुरी तरह फेल हो गए, पूरी टीम सिर्फ 140 रन पर आउट हो गई। इससे भारत को टेस्ट इतिहास में अपनी सबसे बड़ी हारों में से एक झेलनी पड़ी। भारत क्यों फेल हुआ? Top Performers South Africa: India: अगली राह और प्रभाव निष्कर्ष:साउथ अफ्रीका ने पूरी मेहनत, रणनीति और आत्मविश्वास के साथ भारत को हराया। भारत को अपनी कमजोरियों को सुधारने और आगामी सीरीज़ में बेहतर प्रदर्शन दिखाने की आवश्यकता है। Read this : CRISPR: जीन एडिटिंग की क्रांतिकारी तकनीक (The Revolutionary Technology of Gene Editing)

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एक अरब सपनों की पूर्ति: भारत की महिलाओं ने जीता पहला क्रिकेट विश्व कप ख़िताब

Keywords: भारत महिला क्रिकेट विश्व कप, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, स्मृति मंधाना, पहला विश्व कप खिताब, भारतीय महिला क्रिकेट, विश्व कप 2025 फाइनल, क्रिकेट रिकॉर्ड 2 नवंबर 2025 की रात महज एक खेल आयोजन से कहीं अधिक थी; यह भारतीय समाज के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ था। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में, घरेलू दर्शकों के सामने, भारत की महिला क्रिकेट टीम—’विमेन इन ब्लू’—ने अपना पहला आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की जुझारू टीम ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर दो दशकों की निराशा को हमेशा के लिए एक अविस्मरणीय जीत में बदल दिया। इस जीत की तुलना 1983 के पुरुष विश्व कप की विजय से की जा रही है, जो देश में महिला क्रिकेट के लिए एक विशाल छलांग साबित होगी। यह सिर्फ ट्रॉफी उठाना नहीं था; यह एक अरब आकांक्षाओं की पूर्ति थी, जिसने वैश्विक खेल के शिखर पर भारतीय महिला क्रिकेट के स्थायी आगमन को चिह्नित किया। ग्रैंड फिनाले: एक संक्षिप्त स्कोरकार्ड फाइनल में दो ऐसी टीमें आमने-सामने थीं जो अपना पहला विश्व कप खिताब जीतने के लिए बेताब थीं, जो टूर्नामेंट के इतिहास में दुर्लभ था। भारत ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए आखिरकार जीत की रेखा पार कर ली। टीम पारी का स्कोर ओवर सर्वोच्च स्कोरर प्रमुख गेंदबाज भारत महिला 298/7 50.0 शेफाली वर्मा (87) आयाबोंगा खाका (3/58) दक्षिण अफ्रीका महिला 246 ऑल आउट 45.4 लौरा वोल्वार्ड्ट (101) दीप्ति शर्मा (5/39) परिणाम भारत महिला 52 रनों से जीती प्लेयर ऑफ द मैच: दीप्ति शर्मा $298/7$ का स्कोर सलामी जोड़ी की शतकीय साझेदारी और महत्वपूर्ण लेट-इनिंग्स ब्लिट्ज़ की नींव पर बना था, जो प्रोटियाज के लिए एक दुर्गम लक्ष्य साबित हुआ। हालांकि दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने एक शानदार शतक लगाया, लेकिन दीप्ति शर्मा के ऐतिहासिक पाँच विकेट हॉल ने जीत पर मुहर लगा दी। दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी मिला। सिनेमाई सफ़र: खिताब तक का सफ़र भारत का अभियान जुझारूपन का एक नाटकीय आख्यान था, जो इस बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि एक टीम सबसे महत्वपूर्ण समय पर कैसे शिखर पर पहुँचती है। ग्रुप चरण के माध्यम से यह यात्रा शुरुआती आत्मविश्वास, मध्य-टूर्नामेंट में एक गंभीर गिरावट, और एक चमत्कारी, उच्च दबाव वाली वापसी से चिह्नित थी। शुरुआती गति और बीच की निराशा भारत ने श्रीलंका (59 रन से जीत, DLS) और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 88 रनों की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत आत्मविश्वास से की। दीप्ति शर्मा और युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। हालांकि, टीम तीन लगातार हार के साथ मुश्किल में आ गई: इन हार ने भारत की विश्व कप उम्मीदों को दांव पर लगा दिया, जिसमें सेमीफाइनल बर्थ सुरक्षित करने के लिए दो दुर्जेय विरोधियों के खिलाफ लगातार जीत की आवश्यकता थी। शानदार वापसी और सेमीफाइनल में उछाल ‘विमेन इन ब्लू’ ने शानदार प्रदर्शन के साथ दबाव का जवाब दिया: प्रमुख खिलाड़ी: जीत के वास्तुकार हालांकि जीत एक सामूहिक प्रयास था, कुछ खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिन्होंने टूर्नामेंट की गति को बदल दिया और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। https://www.livemint.com/sports/cricket-news/india-w-vs-south-africa-w-final-live-score-icc-womens-world-cup-ind-w-vs-sa-w-women-national-cricket-team-2-november-11762062983698.html स्मृति मंधाना: रन मशीन स्टाइलिश बाएं हाथ की बल्लेबाज भारत के लिए सबसे निरंतर बल्लेबाज थीं, जिन्होंने $54.25$ की औसत से 434 रन बनाकर टूर्नामेंट में दूसरी सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में अपनी जगह बनाई। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके मैच जिताऊ शतक सहित उनकी लगातार शुरुआत ने भारत को बड़े स्कोर का मंच दिया। फाइनल में उनके 45 रन ने एक ठोस नींव सुनिश्चित की, और उन्होंने एक ही महिला वनडे विश्व कप संस्करण में किसी भारतीय महिला द्वारा बनाए गए सबसे अधिक रनों के लिए मिताली राज के रिकॉर्ड को तोड़ा। दीप्ति शर्मा: ऑल-राउंडर दीवार दीप्ति शर्मा का ऑल-राउंड योगदान अमूल्य था। उन्होंने महत्वपूर्ण अर्धशतक बनाए, मध्य क्रम को स्थिर किया, और लगातार गेंद से शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में उनका प्रदर्शन बस पौराणिक था: हरमनप्रीत कौर: जुझारूपन की कप्तान कप्तान के रूप में, कौर ने अपार भावनात्मक बुद्धिमत्ता और सामरिक कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने मध्य-टूर्नामेंट की मंदी के दौरान टीम को एकजुट रखा और टीम के विश्वास के बारे में खुलकर बात की। फाइनल में उनकी आक्रामक कप्तानी और 20 रनों का महत्वपूर्ण कैमियो उनके नेतृत्व का उदाहरण था। वह 1983 में कपिल देव के बाद 50 ओवर का विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाली केवल दूसरी भारतीय कप्तान बनीं। जेमिमा रोड्रिग्स: सेमीफाइनल की हीरो…

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इतिहास रचने वाली चेज़: जेमिमा और हरमनप्रीत ने भारत को विश्व कप 2025 के फाइनल में पहुँचाया

परिचय ICC महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला, 30 अक्टूबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेला गया, जिसे भारतीय महिला टीम ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड चेज़ के साथ जीता। डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 339 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए, भारत ने 5 विकेट से यह मैच अपने नाम किया और पहली बार विश्व कप खिताब जीतने के लिए फाइनल में अपनी जगह पक्की की। यह जीत न केवल ऑस्ट्रेलिया के 16 मैचों के विजय रथ को रोकने वाली थी, बल्कि महिला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (WODI) क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा सफल रन चेज़ भी थी। ऑस्ट्रेलिया की चुनौती: फीबी लिट्चफील्ड का शतक टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारतीय गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी। सलामी बल्लेबाज फीबी लिट्चफील्ड ने एक शानदार पारी खेली, जहाँ उन्होंने सिर्फ 93 गेंदों पर 119 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्हें एलिस पेरी (77 रन) का अच्छा साथ मिला, जिनके साथ उन्होंने 155 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। अंत में, एशले गार्डनर ने 45 गेंदों पर 63 रन की तेज पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को 49.5 ओवर में 338 रनों के विशाल स्कोर तक पहुँचाया। भारत की ओर से युवा स्पिनर श्री चरणी (2/49) और दीप्ति शर्मा (2/73) ने दो-दो विकेट लिए, लेकिन पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुई। जेमिमा रोड्रिग्स का करियर-परिभाषित शतक 339 रनों का पीछा करना किसी भी टीम के लिए पहाड़ चढ़ने जैसा था, खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब शैफाली वर्मा (10) और स्मृति मंधाना (24) पावरप्ले के भीतर ही पवेलियन लौट गईं। इसके बाद, मुंबई की लोकल गर्ल जेमिमा रोड्रिग्स क्रीज़ पर आईं और उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर इतिहास रचने का काम शुरू किया। रोमांचक समापन और जीत जेमिमा ने दीप्ति शर्मा (24) और ऋचा घोष (26) के साथ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियाँ निभाईं। ऋचा घोष ने 16 गेंदों पर 26 रन बनाकर रन रेट को नियंत्रण में रखा। अंतिम ओवरों में, अमनजोत कौर ने आकर निर्णायक चौके लगाकर भारत को 48.3 ओवर में ही लक्ष्य तक पहुँचा दिया। यह जीत महिला वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च सफल चेज़ का एक नया रिकॉर्ड था, जो भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस जीत के साथ, भारत ने फाइनल में अपनी जगह बनाई जहाँ उनका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा, जो टूर्नामेंट की पहली चैंपियन बनने की दौड़ में हैं। निष्कर्ष जेमिमा रोड्रिग्स की शांत शतक और हरमनप्रीत कौर की साहसी कप्तानी ने भारत को न केवल सेमीफाइनल जिताया, बल्कि सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के प्रभुत्व को भी चुनौती दी। यह जीत भारतीय क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत है, जिसने करोड़ों प्रशंसकों को फाइनल में इतिहास रचने की उम्मीद दी है। मैच का संक्षिप्त स्कोरकार्ड टीम पारी स्कोर ऑस्ट्रेलिया महिला 49.5 ओवर 338 ऑल आउट (P. Litchfield 119, E. Perry 77; S. Charani 2/49) भारत महिला 48.3 ओवर 341/5 (J. Rodrigues 127*, H. Kaur 89; K. Garth 2/46) परिणाम भारत महिला 5 विकेट से विजयी प्लेयर ऑफ़ द मैच जेमिमा रोड्रिग्स

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India vs England 3rd Test — लॉर्ड्स पर रोमांचक हार, 22 रन से इंग्लैंड की जीत

मैच सारांश इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में 22 रन से भारत को हराकर 2-1 की सीरीज लीड बना ली है l मैच का पूरा स्कोर टीम 1st इनिंग 2nd इनिंग इंग्लैंड 387 192 भारत 387 170 लक्ष्य 193 था, लेकिन भारत 170 रन पर ऑल-आउट हो गया l शीर्ष स्कोरर प्रमुख विकेट लेने वाले (Top Wicket-takers) रिकॉर्ड्स और विशेष पल मैच का विश्लेषण निष्कर्ष 👉 यह भी पढ़ें: https://theswadeshscoop.com/tambe-ke-paatr-se-dudh-kyun-nahi-chadhana/https://theswadeshscoop.com/superman-2025-performance-review-box-office/

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Lord’s मैदान पर भारतीयों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

Lord’s में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ (टेस्ट में) बल्लेबाज़ रन मैच औसत सर्वोच्च स्कोर शतक Rahul Dravid 195 रन 2 65.00 103* (2011) 1 Sourav Ganguly 131 रन 1 131.00 131 (1996) 1 Ajinkya Rahane 117 रन 1 117.00 103 (2014) 1 Mohammad Azharuddin 121 रन 1 121.00 121 (1990) 1 KL Rahul 129 रन 1 64.50 129 (2021) 1 Note: Ganguly और KL Rahul ने Lord’s में अपने डेब्यू या करियर defining शतक जड़े। Lord’s में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ (टेस्ट में) गेंदबाज़ विकेट मैच औसत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन Ishant Sharma 12 विकेट 2 20.66 7/74 (2014) Kapil Dev 11 विकेट 3 31.18 5/125 Mohammed Shami 6 विकेट 1 27.50 3/28 Bhuvneshwar Kumar 6 विकेट 1 26.83 4/82 Anil Kumble 5 विकेट 2 30.20 3/77 Highlight: Ishant Sharma का 7/74 (Lord’s, 2014) भारत की ऐतिहासिक जीत का सबसे बड़ा योगदान रहा था। उन्होंने शॉर्ट बॉल से इंग्लिश बल्लेबाज़ों को तहस-नहस कर दिया। https://www.espncricinfo.com/records/ground/eng-lord-s-london-10 अपडेटेड निष्कर्ष: Lord’s टेस्ट भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक यादगार अध्याय है — Sourav Ganguly का 1996 का शतक, Rahul Dravid की दीवार, और Ishant Sharma की बाउंसर फायर।अब बारी Shubman Gill, Jasprit Bumrah और KL Rahul जैसे नए सितारों की है — जो इस इतिहास को फिर से रच सकते हैं। Read This: https://theswadeshscoop.com/bharat-mahila-cricket-world-cup-jeet-2025/

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कल: भारत vs इंग्लैंड तीसरी टेस्ट – Lord’s माॅंच पर धमाका

भारतीय टीम ने Edgbaston में शानदार 336 रन की जीत के साथ सीरीज़ को 1-1 से बराबर कर दिया। अब, कल से Lord’s (10–14 जुलाई) में तीसरा टेस्ट शुरू हो रहा है — एक ऐतिहासिक ‘Home of Cricket’ मैदान, जहां दोनों टीमों को दबाव के साथ खेलना होगा। कौन-से रिकॉर्ड टूट सकते हैं? टॉप 5 भारतीय बल्लेबाज़ (Lord’s पर रन बनाने वाले) Lord’s में तेज़ गेंदबाज़ी वाली पिच होने के बावजूद, निम्न बल्लेबाज़ों ने यहां बेहतरीन प्रदर्शन किया है: बल्लेबाज़ रिकॉर्ड / फॉर्म Shubman Gill 430* रन (दोहरे शतक + बड़ी पारियां) Rishabh Pant फॉर्म में Pant, Edgbaston में अच्छी पारियां KL Rahul स्थिर खिलाड़ी, Lord’s में संतुलित बल्लेबाज़ Yashasvi Jaiswal दोहरे शतक, इंग्लैंड में 700+ रन सीरीज़ Abhimanyu Easwaran घरेलू रूप से मजबूत, माध्यमिक विकल्प टॉप 5 भारतीय गेंदबाज़ : Lord’s पर गेंदबाज़ी परिणाम भारतीयों को विशेष लाभ दे सकते हैं — यहाँ वे खिलाड़ी जिनका प्रदर्शन पिच से मेल खाता है: मैच की खास रणनीतियाँ: निष्कर्ष: कल 10 जुलाई से Lord’s की पिच और रणनीति तय करेंगी कि कौन बाजी मारेगा—India या England? जिस तरह Edgbaston में मजा था, Lord’s में होगा और जोरदार मुकाबला।

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“मुलडर की 367 नॉट आउट” – चौथे दिन मैच में धाकड़ प्रदर्शन

ज़िम्बाब्वे vs साउथ अफ़्रीका – दूसरा टेस्ट, बुलवायो दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन बुलवायो के क्वीन स्पोर्ट्स क्लब में, दक्षिण अफ़्रीका के स्टैंड‑इन कप्तान विआन मुलडर ने क्रिकेट इतिहास रच दिया। उन्होंने 367 रन नॉट आउट बनाकर यह रिकॉर्ड हासिल किया – यह किसी दक्षिण अफ़्रीकी खिलाड़ी का सर्वाधिक टेस्ट स्कोर है और टेस्ट क्रिकेट में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी । सिर्फ 33 रन दूर रहकर उन्होंने ब्रायन लारा की 400 रन की रिकॉर्ड लय को सम्मान देते हुए टीम की रणनीति को प्राथमिकता दी और लंच पर घोषित (declare) । मुलडर का रिकॉर्ड संक्षेप टेकवे: टीम प्राथमिकता vs व्यक्तिगत रिकॉर्ड मुलडर ने स्पष्ट किया कि ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ना उनकी प्राथमिकता नहीं थी। उन्होंने कहा: “Brian Lara एक लीजेंड हैं, मैं समझता हूँ टीम की रणनीति पहले आनी चाहिए” फैसला न सिर्फ खेल भावना के लिए सराहनीय था, बल्कि मुकाबले को निर्णायक रूप देने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। मुकाबला निष्कर्ष “मुलडर की 367 नॉट आउट” न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि टीम-प्रथम रणनीति और खेल भावना का परिचायक भी है। ज़िम्बाब्वे के खिलाफ यह प्रदर्शन दक्षिण अफ़्रीका की टेस्ट प्रभुता को और मजबूत करने वाला कदम है।

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