Gold Price Hit Record High: सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, $4383 के पार पहुंचा पीला मेटल; जानें इस तेजी के पीछे के 5 बड़े कारण

दिनांक: 22 दिसंबर, 2025 स्थान: नई दिल्ली/मुंबई भारतीय और वैश्विक बाजार में आज सोने की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया और अंतरराष्ट्रीय बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सोने की हाजिर कीमत (Spot Gold) $4,383.76 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है। भारत में भी, MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना ₹1,34,000 के स्तर को पार करते हुए नए शिखर पर पहुंच गया है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर सोने की कीमतों में यह ‘तूफानी’ तेजी क्यों आ रही है और आने वाले दिनों में यह कहां तक जा सकती है। सोने (Gold) की कीमतों में तेजी के 5 प्रमुख कारण (What’s Driving the Rally?) 1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की उदार नीति (Dovish Fed Policy) अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) ने हाल ही में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कटौती की है, जिससे फंड रेट 3.50%–3.75% के दायरे में आ गया है। जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो डॉलर कमजोर होता है और सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों (Non-yielding assets) का आकर्षण बढ़ जाता है।http://सोना-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, जानें आज आपके शहर का भाव और तेजी की मुख्य वजहें 2. गहराता भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) दिसंबर 2025 में वैश्विक मंच पर अस्थिरता बढ़ी है। मिडिल ईस्ट में नए तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध का लंबा खिंचना और हाल ही में वेनेजुएला पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe-haven) की ओर धकेल दिया है। 3. भारतीय रुपये में ऐतिहासिक गिरावट (Weakening Indian Rupee) भारतीय बाजार में सोने की कीमत केवल वैश्विक कीमतों पर नहीं, बल्कि डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर भी निर्भर करती है। दिसंबर 2025 में रुपया ₹90.83 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया है। रुपये की कमजोरी के कारण भारत में सोने का आयात महंगा हो गया है, जिससे घरेलू कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। 4. सेंट्रल बैंकों द्वारा भारी खरीदारी (Central Bank Buying) दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाएं, अपनी विदेशी मुद्रा भंडार को ‘डी-डॉलराइजेशन’ (De-dollarization) की प्रक्रिया के तहत Gold में बदल रहे हैं। आरबीआई (RBI) भी लगातार अपने सोने के भंडार को बढ़ा रहा है, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। 5. ईटीएफ (ETF) और संस्थागत निवेश में उछाल पिछले कुछ महीनों में Gold ईटीएफ (Gold ETFs) में निवेश का प्रवाह (Inflow) काफी बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर ईटीएफ होल्डिंग्स 98 मिलियन औंस के पार पहुंच गई हैं, जो अक्टूबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। रियल-टाइम अपडेट: भारत के प्रमुख शहरों में आज का भाव (22 Dec 2025) नीचे दी गई तालिका में भारत के विभिन्न शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा भाव दिए गए हैं: शहर 24 कैरेट Gold (प्रति 10 ग्राम) 22 कैरेट Gold (प्रति 10 ग्राम) नई दिल्ली ₹1,45,745 ₹1,34,270 मुंबई ₹1,45,320 ₹1,34,170 कोलकाता ₹1,44,060 ₹1,34,200 चेन्नई ₹1,39,110 ₹1,28,505 बेंगलुरु ₹1,38,825 ₹1,28,505 नोट: ये कीमतें बाजार की स्थितियों और स्थानीय करों (GST) के आधार पर भिन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों की राय: क्या अभी निवेश करना सही है? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में तेजी का यह रुख 2026 तक जारी रह सकता है। J.P. Morgan की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोना $5,000 प्रति औंस के स्तर को छू सकता है। हालांकि, तकनीकी संकेतकों (RSI) के अनुसार बाजार फिलहाल ‘ओवरबॉट’ (Overbought) स्थिति में है, इसलिए निवेशकों को किसी भी छोटी गिरावट (Correction) पर खरीदारी करने की सलाह दी जाती है। निवेशकों के लिए टिप्स: निष्कर्ष दिसंबर 2025 सोने के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थितियों और कमजोर रुपये ने सोने को निवेश का सबसे मजबूत विकल्प बना दिया है। यदि आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करें। Read This : ICICI Prudential AMC Stock Listing: NSE पर 20% प्रीमियम के साथ धमाकेदार एंट्री, क्या निवेशकों को अब और रुकना चाहिए?

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ICICI Prudential AMC Stock Listing: NSE पर 20% प्रीमियम के साथ धमाकेदार एंट्री, क्या निवेशकों को अब और रुकना चाहिए?

भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर उत्सव का माहौल है। देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक, ICICI Prudential AMC (Asset Management Company) के शेयरों ने आज दलाल स्ट्रीट पर अपनी शानदार शुरुआत की है। निवेशकों के बीच जिस जबरदस्त उत्साह की उम्मीद की जा रही थी, वह आज हकीकत में बदल गई। ICICI Prudential AMC का स्टॉक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपने इश्यू प्राइस से 20% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ है। इस लेख में हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि लिस्टिंग के आंकड़े क्या रहे, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ने क्या संकेत दिए थे और अब उन निवेशकों को क्या करना चाहिए जिन्हें इस IPO में शेयर आवंटित (Allot) हुए हैं। धमाकेदार लिस्टिंग: आंकड़ों की जुबानी ICICI Prudential AMC के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹2,165 तय किया गया था। आज सुबह जब बाजार खुला, तो निवेशकों के चेहरे खिल गए। यह लिस्टिंग इस बात का प्रमाण है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री और विशेष रूप से ICICI समूह के ब्रांड पर कितना मजबूत है। IPO का सफर: सब्सक्रिप्शन और रिस्पॉन्स ICICI Prudential AMC का ₹10,602.65 करोड़ का यह IPO साल 2025 के सबसे बड़े पब्लिक इश्यूज में से एक था। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसका अर्थ है कि मौजूदा प्रमोटरों (ICICI Bank और Prudential Corp) ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। इस IPO को निवेशकों की सभी श्रेणियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी: ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ने पहले ही दे दिए थे संकेत लिस्टिंग से पहले ही ग्रे मार्केट में ICICI Prudential AMC के शेयरों की भारी मांग देखी जा रही थी। लिस्टिंग से एक दिन पहले तक इसका GMP (Grey Market Premium) लगभग 15-18% के आसपास घूम रहा था। बाजार के जानकारों का मानना था कि बाजार की अस्थिरता के बावजूद यह स्टॉक प्रीमियम पर ही लिस्ट होगा। 20% की वास्तविक लिस्टिंग ने बाजार की इन उम्मीदों को भी पीछे छोड़ दिया है। ICICI Prudential AMC की ताकत: आपको क्यों पता होना चाहिए? किसी भी स्टॉक की लिस्टिंग केवल शुरुआत होती है, असली कहानी उसके फंडामेंटल्स (Fundamentals) में छिपी होती है। ICICI Prudential AMC के पास कई ऐसी ताकतें हैं जो इसे अन्य AMC कंपनियों से अलग बनाती हैं: 1. मार्केट लीडरशिप ICICI Prudential AMC भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। विशेष रूप से Active Assets Under Management (QAAUM) के मामले में यह कंपनी बाजार में अपनी मजबूत पकड़ रखती है। सितंबर 2025 तक, कंपनी का म्यूचुअल फंड AUM ₹10.14 लाख करोड़ से अधिक था। http://ICICI Pru AMC Investor Relations 2. मजबूत प्रमोटर बैकअप इस कंपनी के पीछे ICICI Bank जैसा बैंकिंग दिग्गज और Prudential Plc जैसा वैश्विक अनुभव है। यह ब्रांड वैल्यू ही निवेशकों को सुरक्षा का एहसास दिलाती है। 3. शानदार वित्तीय प्रदर्शन (Financial Performance) कंपनी के वित्तीय आंकड़े इसकी सफलता की कहानी बयां करते हैं। वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही (H1 FY25) में कंपनी ने ₹1,617.74 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22% की वृद्धि है। कंपनी का Return on Equity (RoE) लगभग 82% के अविश्वसनीय स्तर पर है। 4. डाइवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कंपनी केवल इक्विटी म्यूचुअल फंड तक सीमित नहीं है। इसके पास डेट (Debt), हाइब्रिड (Hybrid), पैसिव फंड्स (ETFs), पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) का एक बड़ा गुलदस्ता है। AMC सेक्टर में मुकाबला: तुलनात्मक अध्ययन भारतीय शेयर बाजार में पहले से ही कई AMC कंपनियां लिस्टेड हैं, जैसे HDFC AMC, Nippon Life India AMC, UTI AMC और Aditya Birla Sun Life AMC। निवेशकों के लिए रणनीति: अब क्या करें? जिन निवेशकों को IPO में अलॉटमेंट मिला है या जो नए निवेश की सोच रहे हैं, उनके मन में एक ही सवाल है – “होल्ड करें या बेच दें?” A. जिन्हें लिस्टिंग गेन (Listing Gain) चाहिए था: यदि आपका उद्देश्य केवल लिस्टिंग पर मुनाफा कमाना था, तो 20% का प्रीमियम एक बहुत ही अच्छा रिटर्न है। आप अपनी लागत (Capital) निकालकर बाकी मुनाफा शेयरों में छोड़ सकते हैं या फिर पूरा प्रॉफिट बुक कर सकते हैं। B. लंबी अवधि के निवेशक (Long-term Investors): म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री भारत में अभी भी अपने शुरुआती दौर में है। “म्यूचुअल फंड सही है” जैसे अभियानों और बढ़ती वित्तीय साक्षरता के कारण इस सेक्टर में लंबी अवधि में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। ICICI Prudential AMC जैसी दिग्गज कंपनी इस ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा उठाएगी। लंबी अवधि के निवेशकों को इस स्टॉक को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखना…

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मीशो (Meesho) का दलाल स्ट्रीट पर धमाकेदार डेब्यू: 46% प्रीमियम पर लिस्टिंग, निवेशकों के लिए क्या है आगे का रास्ता?

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो (Meesho) ने भारतीय शेयर बाजार (दलाल स्ट्रीट) में एक मजबूत और सफल शुरुआत की है। अपनी किफायती और वैल्यू-ड्रिवन ई-कॉमर्स रणनीति के लिए जानी जाने वाली इस कंपनी के ₹5,421 करोड़ के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। बुधवार, 10 दिसंबर को इसकी लिस्टिंग उम्मीद से कहीं बेहतर रही, जिसने इस साल के सबसे keenly-followed तकनीकी लिस्टिंग में अपनी जगह बना ली है। 1. लिस्टिंग का विवरण: प्रीमियम और निवेशकों की कमाई मीशो के शेयर की लिस्टिंग ने सभी को चौंका दिया। कंपनी ने अपने शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड ₹111 प्रति शेयर तय किया था। इस बंपर लिस्टिंग ने उन निवेशकों को तुरंत लाभ पहुँचाया जिन्हें शेयर आवंटित हुए थे। एक अनुमान के मुताबिक, जिन खुदरा निवेशकों को 135 शेयरों का एक लॉट आवंटित हुआ था, उन्हें लिस्टिंग के दिन ही प्रति लॉट ₹21,937.5 के करीब सीधा लाभ मिला। लिस्टिंग के तुरंत बाद, शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग में ₹177.55 के उच्च स्तर तक पहुँच गया, जो इश्यू प्राइस से लगभग 60% अधिक था।https://economictimes.indiatimes.com/meesho-ipo-subscription-details-live 2. IPO को जबरदस्त सब्सक्रिप्शन (Subscription) मीशो के आईपीओ को सभी श्रेणियों के निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया था। यह IPO 3 दिसंबर को खुला और 5 दिसंबर को बंद हुआ। श्रेणी (Category) सब्सक्रिप्शन गुना (Times Subscribed) योग्य संस्थागत खरीदार (QIB) 120.18 गुना गैर-संस्थागत निवेशक (NII/HNI) 38.16 गुना खुदरा निवेशक (Retail Investors) 19.08 गुना कुल सब्सक्रिप्शन 79 गुना कुल मिलाकर, मीशो के आईपीओ को 79 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जो बाजार में कंपनी के व्यापार मॉडल पर जबरदस्त भरोसे का संकेत देता है। QIBs की भागीदारी सबसे अधिक रही, जो बड़े संस्थागत निवेशकों के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाती है। https://www.livemint.com/market/ipo/meesho-ipo-listing-shares-debut-at-46-premium-on-nse 3. कंपनी का वित्तीय स्कोरबोर्ड और रणनीति मीशो की सफलता का मुख्य कारण उसकी ‘वैल्यू ई-कॉमर्स’ (Value E-commerce) रणनीति और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में गहरी पैठ है। 4. आगे का आउटलुक: विशेषज्ञ क्या कहते हैं? मीशो की मजबूत लिस्टिंग के बावजूद, विशेषज्ञों की राय मिली-जुली है: निष्कर्ष: मीशो की लिस्टिंग भारतीय ई-कॉमर्स और तकनीकी क्षेत्र में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है। जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले हैं, उन्हें शॉर्ट-टर्म में मुनाफावसूली करने और शेष शेयरों को मध्यम से लंबी अवधि के लिए रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कंपनी भारत के सबसे तेजी से बढ़ते वैल्यू-ई-कॉमर्स खंड में एक मजबूत स्थिति रखती है। Read this : #SabihKhan #AppleCOO #IndianOrigin #MoradabadToSiliconValley #SupplyChainExpert #IndianExec #SabihKhanNetWorth #AppleLeadership #TimCook #GlobalTech #TheSwadeshScoop Author Profile

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भारत के टाइटन्स – देश के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEO की कमाई, करियर और बुद्धिमत्ता का अनावरण

परिचय: कॉर्पोरेट नेतृत्व का शिखर और 100 करोड़ का क्लब, भारत के सबसे महंगे CEO तेज़ी से विकसित हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था के गतिशील और विस्तृत परिदृश्य में, कुछ चुनिंदा व्यक्ति कॉर्पोरेट शक्ति और प्रभाव के शिखर पर खड़े हैं: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)। ये वे दूरदर्शी, रणनीतिकार और परिचालन विशेषज्ञ हैं, जो चुनौतीपूर्ण बाजारों, तकनीकी परिवर्तनों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की सबसे बड़ी और सफल कंपनियों का नेतृत्व करते हैं। इन भारतीय कॉर्पोरेट लीडर्स का वेतन अक्सर आम आदमी की कल्पना से परे होता है। पिछले कुछ वर्षों में, $100$ करोड़ के वार्षिक CEO वेतन पैकेज अब आईटी और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों में एक मानक बन गए हैं। यह ब्लॉग पोस्ट सिर्फ चौंकाने वाले आंकड़ों से परे जाकर, इन भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEOs के करियर की गहराई, उनकी कठोर शैक्षणिक नींव, और उनके बहु-करोड़ कार्यकारी मुआवजा पैकेज को संचालित करने वाले प्रदर्शन-आधारित दर्शन को जानेगा। हम देखेंगे कि कैसे उनकी शिक्षा और रणनीतिक दूरदर्शिता ने उन्हें CEO पद तक पहुंचाया और क्यों उनका पारिश्रमिक भारत के विकास की कहानी को दर्शाता है। सीईओ का Salary समझना: वेतन, स्टॉक और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यह जानना महत्वपूर्ण है कि एक CEO का कुल Salary केवल मासिक वेतन नहीं होता। यह एक जटिल संरचना है जिसे 200% तक शेयरधारक मूल्य के निर्माण के साथ CEO के हितों को संरेखित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। वेतन पैकेज के मुख्य घटक भारतीय कॉर्पोरेट जगत के शीर्ष लीडर और उनकी जर्नी यहाँ कुछ प्रमुख भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEOs हैं, जिनका करियर, शिक्षा और मुआवजा भारत की व्यावसायिक सफलता का प्रतीक है: 1. संदीप कालरा: Persistent Systems और 150 करोड़ की सैलरी संदीप कालरा आईटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक दिग्गज हैं, और वर्तमान में वह भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEO में से एक हैं, जिन्होंने 150करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया है। उनका वेतन पूरी तरह से कंपनी के प्रदर्शन के साथ जुड़ा हुआ है, जो भारतीय आईटी उद्योग में प्रतिभा को बनाए रखने की प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। 2. सी विजयकुमार: HCLTech के वैश्विक CEO और उनका 94 करोड़ का पैकेज सी विजयकुमार भारत के आईटी सेवा उद्योग में एक और शीर्ष कमाई करने वाले कार्यकारी हैं, जिनकी सैलरी वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी है। उनके कार्यकारी मुआवजा में वृद्धि HCLTech की जबरदस्त वृद्धि और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। 3. पवन मुंजाल: Hero MotoCorp और विनिर्माण क्षेत्र का हाईएस्ट पेड CEO पवन मुंजाल विनिर्माण (Manufacturing) और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEOs में से एक हैं। Hero MotoCorp के चेयरमैन और CEO के रूप में, उनका पारिश्रमिक कंपनी के दोपहिया वाहन बाजार में निरंतर प्रभुत्व को दर्शाता है। 4. सलिल पारेख: IITian CEO और Infosys की डिजिटल ग्रोथ सलिल पारेख Infosys के एक उच्च-भुगतान प्राप्त CEO हैं, जिनका पैकेज एक वैश्विक आईटी नेता के रूप में उनकी साख और Infosys को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों को दर्शाता है। 5. मुकेश अंबानी: RIL और जीरो सैलरी का मिथक तकनीकी रूप से, मुकेश अंबानी वर्तमान में भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEO की सूची में नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने COVID-19 महामारी के बाद से कई वर्षों तक Reliance Industries Limited (RIL) से शून्य वेतन लेने का विकल्प चुना है। हालाँकि, उनका प्रभाव और RIL में उनकी शेयरधारिता का मूल्य उन्हें भारत के कॉर्पोरेट टाइटन्स में सबसे ऊपर रखता है। शीर्ष CEO के वेतन में लाभ (Perks & Benefits) का महत्व कार्यकारी मुआवजा केवल नकद राशि नहीं है। शीर्ष CEO को मिलने वाले लाभ उनकी स्थिति और जिम्मेदारी के अनुरूप होते हैं, और ये उनकी कुल जीवन-शैली लागत को काफी कम कर देते हैं: निष्कर्ष: कार्यकारी मुआवजा और भारत के विकास का भविष्य (H2) भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ की सूची लगातार बदल रही है, खासकर आईटी, फार्मा और नई ऊर्जा जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों में। संदीप कालरा और सी विजयकुमार जैसे पेशेवर CEO का 100 करोड़ के क्लब में प्रवेश स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारतीय बोर्ड प्रदर्शन, नवाचार और शेयरधारक मूल्य निर्माण को पुरस्कृत करने के लिए ग्लोबल मानदंडों के अनुसार कार्यकारी मुआवजा दे रहे हैं। इन भारतीय कॉर्पोरेट लीडर्स के करियर से पता चलता है कि सफलता का मार्ग केवल भाग्य से नहीं, बल्कि IIT, IIM जैसी कठोर शैक्षणिक नींव, वैश्विक अनुभव, और दीर्घकालिक रणनीतिक दूरदर्शिता से होकर गुजरता है। जैसे-जैसे भारत इंक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की…

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Sabih Khan: Moradabad से Apple COO तक का प्रेरणादायक सफर, नेट वर्थ & करियर

Who is Sabih Khan? यह कहानी है एक छोटे शहर Moradabad से निकलकर Apple Inc. की शीर्ष पायदान तक पहुंचने वाले Sabih Khan की।31 वर्षों के बाद, उन्होंने Jeff Williams से जिम्मेदारी संभाली और बने Apple के नए Chief Operating Officer (COO)। शुरुआती जीवन और पढ़ाई शिक्षा का प्रभाव: Economics ने उन्हें रणनीति सोचना सिखाया, वहीं Engineering ने technical विशेषज्ञता दी — जो उनके supply-chain brilliance में काम आई। करियर की शुरुआत: GE Plastics से Apple तक Major Achievements at Apple Estimated Net Worth & Salary ➡ कुल पैकेज अनुमानतः ₹190–200 करोड़ सालाना, उतना जबरदस्त जितना Apple के पहले COO Jeff Williams को मिलता था। Why this Promotion Matters? Sabih का सफर एक छोटी‑सी Indian town से लेकर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी में COO तक, सभी के लिए प्रेरणा है।75+ से अधिक देशों में Apple की operations की जिम्मेदारी संभालते—वे न केवल Indian-origin talent का नया उदाहरण हैं, बल्कि Supply Chain Excellence के भी मास्टर हैं। ये भी पढ़ें :

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Capgemini की WNS पर $3.3 बिलियन की अधिग्रहण: – The Swadesh Scoop

“Capgemini WNS अधिग्रहण 2025” आज (7 जुलाई 2025) के ताज़ा समाचार के अनुसार, फ्रांस की आईटी दिग्गज Capgemini ने WNS Global Services को $3.3 बिलियन (लगभग ₹28,000 करोड़) में कैश में खरीदने की घोषणा की। इस सौदे में हर WNS शेयर के लिए $76.50 (लगभग ₹6,350) का भुगतान किया जाएगा, जो WNS के 3 जुलाई के बंद मूल्य से लगभग 17% का प्रीमियम है (reuters.com)। अधिग्रहण का लक्ष्य 1. Agentic AI एवं Generative AI में विस्तार Capgemini का उद्देश्य WNS की BPO (Business Process Outsourcing) क्षमताओं को अपनी Agentic AI-चालित Intelligent Operations रणनीति में जोड़ना है । WNS की Digital BPS सेवाएं, जैसे analytics और hybrid process outsourcing, भारत, अमेरिका, यूरोप में मजबूत उपस्थिति रखती हैं । 2. US मार्केट में गहराई इस अधिग्रहण से Capgemini को यूनाइटेड स्टेट्स में अपने ग्राहकों जैसे Coca‑Cola, T-Mobile, United Airlines आदि के साथ गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा ]। वित्तीय लाभ Capgemini की भविष्यवाणी है: इसके अलावा, 2027 तक सालाना €100–140 मिलियन राजस्व और €50–70 मिलियन लागत बचत की संभावनाएँ देखी जा रही हैं । ध्यान देने योग्य: Capgemini ने अपनी 2025 की वित्तीय पूर्वानुमान को अधिग्रहीत सौदे से अप्रभावित रखा है ()। चुनौतियाँ और जोखिम रणनीतिक सारांश यह अधिग्रहण Capgemini के रणनीति के अनुरूप है, जिसमें AI-संचालित इंटरप्राइज ऑपरेशंस को मुख्यधारा में लाना शामिल है। WNS के Digital BPS, AI, analytics और vertical expertise को मिलाकर Capgemini “Intelligent Operations” की अग्रणी स्थिति में उभरना चाहता है । निष्कर्ष यह डील एक ग्लोबल रणनीतिक कदम है — AI में तीव्र विस्तार के बीच Capgemini अपने प्लैटफ़ॉर्म एवं लोगों दोनों को मजबूती से आगे ले जाना चाहता है।कुल मिलाकर, यह अधिग्रहण Capgemini के लिए आय, मार्जिन और बाजार हिस्सेदारी तीनों में वृद्धि की संभावना का द्वार खोलता है।

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