काल भैरव जयंती: भय से मुक्ति और न्याय का पर्व
हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र और तेजस्वी स्वरूप काल भैरव का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिसे काल भैरव जयंती या कालाष्टमी के नाम से जाना जाता है। यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो उन्हें भय, नकारात्मकता और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति प्रदान करता है। कब है काल भैरव जयंती 2025? वैदिक पंचांग के अनुसार: संक्षिप्त कथा: क्यों लिया शिव ने काल भैरव का रूप? पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार ब्रह्मा, विष्णु और शिव—इन त्रिदेवों में कौन श्रेष्ठ है, इस बात पर विवाद छिड़ गया। बहस के दौरान, ब्रह्मा जी ने अहंकारवश भगवान शिव का अपमान किया।https://www.jagran.com/spiritual/religion-kaal-bhairav-jayanti-2025-upay-in-hindi-remedies-significance-40031638.html भगवान शिव ने काल भैरव को इस पाप से मुक्ति पाने के लिए विभिन्न तीर्थों की यात्रा करने का आदेश दिया। अंत में, काशी (वाराणसी) में पहुँचते ही उनके हाथ से ब्रह्मा जी का कटा हुआ सिर (कपाल) गिर गया। तभी से उस स्थान को कपाल मोचन तीर्थ कहा जाता है, और भगवान शिव ने काल भैरव को काशी का ‘कोतवाल’ (नगर रक्षक) नियुक्त किया। आज भी यह मान्यता है कि काशी में किसी भी व्यक्ति को भैरव जी की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं मिलता। क्यों मनाते हैं काल भैरव जयंती और इसका महत्व? काल भैरव जयंती मुख्य रूप से अधर्म पर धर्म की विजय और अहंकार के नाश का प्रतीक है। कैसे मनाएं और सामान्य पूजा विधि काल भैरव जयंती पर रात्रि-जागरण और पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि भगवान भैरव की पूजा निशा काल (रात) में अधिक प्रभावी होती है: जप विधि और लाभ काल भैरव जयंती पर मंत्र जप का विशेष महत्व है। मंत्र (Jap Vidhi) लाभ (Benefits) सामान्य मंत्र: ॐ कालभैरवाय नमः भय, रोग और कष्टों से मुक्ति मिलती है। तामसिक बाधा निवारण: ॐ हं हं कालभैरवाय नमः नकारात्मक शक्तियों और तंत्र-मंत्र के प्रभाव को नष्ट करता है। बटुक भैरव मंत्र (सौम्य रूप): ॐ बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ सभी प्रकार की आपदाओं और संकटों से बचाता है। जप विधि: Note : Kindly consult your purohit for the japa and anushthan, आज के जीवन और संस्कृति में प्रासंगिकता काल भैरव जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह आज के जीवन में भी गहरी प्रासंगिकता रखती है: वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलू आध्यात्मिक/दार्शनिक पक्ष वैज्ञानिक/मनोवैज्ञानिक पक्ष काल भैरव जयंती का पर्व हमें अपने भीतर के अहंकार और भय को दूर करने का एक सुनहरा अवसर देता है। Read this: https://theswadeshscoop.com/dark-matter-dark-energy-hindu-philosophy/
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