परिचय: कॉर्पोरेट नेतृत्व का शिखर और 100 करोड़ का क्लब, भारत के सबसे महंगे CEO
तेज़ी से विकसित हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था के गतिशील और विस्तृत परिदृश्य में, कुछ चुनिंदा व्यक्ति कॉर्पोरेट शक्ति और प्रभाव के शिखर पर खड़े हैं: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)। ये वे दूरदर्शी, रणनीतिकार और परिचालन विशेषज्ञ हैं, जो चुनौतीपूर्ण बाजारों, तकनीकी परिवर्तनों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की सबसे बड़ी और सफल कंपनियों का नेतृत्व करते हैं।
इन भारतीय कॉर्पोरेट लीडर्स का वेतन अक्सर आम आदमी की कल्पना से परे होता है। पिछले कुछ वर्षों में, $100$ करोड़ के वार्षिक CEO वेतन पैकेज अब आईटी और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों में एक मानक बन गए हैं। यह ब्लॉग पोस्ट सिर्फ चौंकाने वाले आंकड़ों से परे जाकर, इन भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEOs के करियर की गहराई, उनकी कठोर शैक्षणिक नींव, और उनके बहु-करोड़ कार्यकारी मुआवजा पैकेज को संचालित करने वाले प्रदर्शन-आधारित दर्शन को जानेगा। हम देखेंगे कि कैसे उनकी शिक्षा और रणनीतिक दूरदर्शिता ने उन्हें CEO पद तक पहुंचाया और क्यों उनका पारिश्रमिक भारत के विकास की कहानी को दर्शाता है।
सीईओ का Salary समझना: वेतन, स्टॉक और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव
यह जानना महत्वपूर्ण है कि एक CEO का कुल Salary केवल मासिक वेतन नहीं होता। यह एक जटिल संरचना है जिसे 200% तक शेयरधारक मूल्य के निर्माण के साथ CEO के हितों को संरेखित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वेतन पैकेज के मुख्य घटक
- निश्चित वेतन (Fixed Pay): यह वह आधारभूत आय है जो मासिक रूप से दी जाती है। यह आम तौर पर कुल पैकेज का छोटा हिस्सा होता है।
- परिवर्तनीय वेतन (Variable Pay / बोनस): यह कंपनी के वार्षिक राजस्व, लाभ और अन्य परिचालन लक्ष्यों को प्राप्त करने पर दिया जाता है। भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ के लिए यह घटक बहुत बड़ा होता है।
- दीर्घकालिक प्रोत्साहन (LTIs) और स्टॉक विकल्प: यही वह जगह है जहाँ अधिकांश धन उत्पन्न होता है। इसमें स्टॉक विकल्प (ESOPs) और प्रतिबंधित स्टॉक इकाइयाँ RSUs शामिल हैं, जो सीईओ को शेयर के रूप में मिलते हैं और कंपनी के स्टॉक मूल्य बढ़ने पर उनकी संपत्ति में भारी वृद्धि होती है।
- लाभ और भत्ते (Perquisites – Perks): इसमें लक्जरी कंपनी कार, निजी सुरक्षा, क्लब सदस्यता, व्यापक स्वास्थ्य बीमा और कभी-कभी कंपनी-प्रदत्त लक्जरी आवास या भारी आवास भत्ता शामिल होता है।
भारतीय कॉर्पोरेट जगत के शीर्ष लीडर और उनकी जर्नी
यहाँ कुछ प्रमुख भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEOs हैं, जिनका करियर, शिक्षा और मुआवजा भारत की व्यावसायिक सफलता का प्रतीक है:
1. संदीप कालरा: Persistent Systems और 150 करोड़ की सैलरी

संदीप कालरा आईटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक दिग्गज हैं, और वर्तमान में वह भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEO में से एक हैं, जिन्होंने 150करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया है। उनका वेतन पूरी तरह से कंपनी के प्रदर्शन के साथ जुड़ा हुआ है, जो भारतीय आईटी उद्योग में प्रतिभा को बनाए रखने की प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
- अनुमानित मुआवज़ा (FY24-25): लगभग ₹150 करोड़।
- वेतन संरचना में प्रमुखता: उनका अधिकांश भुगतान, लगभग 90%, दीर्घकालिक प्रदर्शन लक्ष्यों को पूरा करने पर आधारित स्टॉक विकल्प और RSU के रूप में है, जो शेयरधारकों के लिए मूल्य बनाने पर उनके फोकस को दर्शाता है।
- शिक्षा और करियर:
- शिक्षा: B.Techइलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और PGDM IIM कलकत्ता से। उनकी IIM पृष्ठभूमि ने उन्हें मजबूत व्यावसायिक समझ दी।
- करियर: Persistent Systems के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने से पहले, उन्होंने HCL Technologies और Syntel जैसी कंपनियों में कई नेतृत्व की भूमिकाएँ निभाईं। उनका करियर नवाचार और सेवा वितरण में उत्कृष्टता के इर्द-गिर्द घूमता है।
- लाभ: आईटी क्षेत्र के शीर्ष CEO होने के नाते, उनका पैकेज व्यापक ,स्वास्थ्य और जीवन बीमा, प्रदर्शन-आधारित यात्रा भत्ते और अन्य उच्च-स्तरीय कार्यकारी सुविधाओं को कवर करता है।
2. सी विजयकुमार: HCLTech के वैश्विक CEO और उनका 94 करोड़ का पैकेज

सी विजयकुमार भारत के आईटी सेवा उद्योग में एक और शीर्ष कमाई करने वाले कार्यकारी हैं, जिनकी सैलरी वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी है। उनके कार्यकारी मुआवजा में वृद्धि HCLTech की जबरदस्त वृद्धि और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है।
- अनुमानित मुआवज़ा (FY24-25): लगभग ₹94 करोड़ ($11.3 मिलियन)।
- वेतन संरचना में प्रमुखता: उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा (approx 70%) लॉन्ग टर्म इंसेंटिव (RSU) से आता है। इसका मतलब है कि उनकी कमाई सीधे HCLTech के शेयर प्रदर्शन से जुड़ी हुई है।
- मूल वेतन: लगभग 16 करोड़ रुपये।
- RSU/LTIs: लगभग 61 करोड़ रुपये।
- शिक्षा और करियर:
- शिक्षा: उन्होंने PSG College of Technology से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
- करियर: HCLTech में 1994 में शामिल हुए, उन्होंने CTO और COO सहित विभिन्न भूमिकाओं में काम किया। 2016 में CEO बनने के बाद, उन्होंने कंपनी के बाजार मूल्य को 3.8 गुना बढ़ाया, जिससे उनका वेतन जायज ठहरा।
- लाभ: वह कंपनी की अमेरिकी यूनिट से भुगतान प्राप्त करते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी यात्रा और आवास सहायता सहित व्यापक ग्लोबल एक्जीक्यूटिव भत्ते मिलते हैं।
3. पवन मुंजाल: Hero MotoCorp और विनिर्माण क्षेत्र का हाईएस्ट पेड CEO

पवन मुंजाल विनिर्माण (Manufacturing) और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEOs में से एक हैं। Hero MotoCorp के चेयरमैन और CEO के रूप में, उनका पारिश्रमिक कंपनी के दोपहिया वाहन बाजार में निरंतर प्रभुत्व को दर्शाता है।
- अनुमानित मुआवज़ा (FY23-24): लगभग ₹109 करोड़।
- वेतन संरचना में प्रमुखता: प्रमोटर CEO होने के बावजूद, उनका वेतन कंपनी के PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) से जुड़े कमीशन के साथ-साथ बेस सैलरी और परफॉर्मेंस बोनस का एक मिश्रण है।
- शिक्षा और करियर:
- शिक्षा: उन्होंने BBA (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की डिग्री Northwood University, USA से प्राप्त की।
- करियर: Hero MotoCorp (पूर्व में Hero Honda) के संस्थापक परिवार से आने वाले पवन मुंजाल ने कंपनी को एक संयुक्त उद्यम से एक स्वतंत्र, वैश्विक दोपहिया दिग्गज में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया। उनके नेतृत्व में, कंपनी लगातार दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता बनी रही है।
- लाभ: एक प्रमोटर और कार्यकारी के रूप में, उन्हें उच्च-स्तरीय कंपनी प्रदत्त वाहन, निजी सुरक्षा, और व्यवसायिक यात्रा के लिए लक्जरी सुविधाएं मिलती हैं। उनकी वास्तविक संपत्ति का बड़ा हिस्सा लाभांश और शेयर होल्डिंग से आता है।
4. सलिल पारेख: IITian CEO और Infosys की डिजिटल ग्रोथ

सलिल पारेख Infosys के एक उच्च-भुगतान प्राप्त CEO हैं, जिनका पैकेज एक वैश्विक आईटी नेता के रूप में उनकी साख और Infosys को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों को दर्शाता है।
- अनुमानित मुआवज़ा (FY24-25): लगभग ₹80.62 करोड़।
- वेतन संरचना में प्रमुखता: उनके CEO वेतन का सबसे बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक इक्विटी पुरस्कारों (Long-Term Equity Awards) से आता है। यह संरचना Infosys के लिए 5 साल के दीर्घकालिक प्रदर्शन लक्ष्यों को प्राप्त करने पर जोर देती है।
- शिक्षा और करियर:
- शिक्षा: उन्होंने B.Tech (एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग) IIT बॉम्बे से और M.Eng (Computer Science) Cornell University, USA से किया। उनकी IIT पृष्ठभूमि ने उन्हें तकनीक और इंजीनियरिंग में मजबूत आधार दिया।
- करियर: Infosys में आने से पहले, उन्होंने Capgemini में 25 साल बिताए, जहाँ वे ग्रुप एक्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य थे। 2018 में Infosys का नेतृत्व संभालने के बाद, उन्होंने कंपनी को अस्थिरता से बाहर निकाला और डिजिटल सेवाओं में भारी वृद्धि दर्ज की।
- लाभ: एक अंतरराष्ट्रीय पेशेवर CEO के रूप में, उनका पैकेज वैश्विक यात्रा, निवास और चिकित्सा सुविधाओं के लिए व्यापक भत्ते सुनिश्चित करता है।
5. मुकेश अंबानी: RIL और जीरो सैलरी का मिथक

तकनीकी रूप से, मुकेश अंबानी वर्तमान में भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले CEO की सूची में नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने COVID-19 महामारी के बाद से कई वर्षों तक Reliance Industries Limited (RIL) से शून्य वेतन लेने का विकल्प चुना है। हालाँकि, उनका प्रभाव और RIL में उनकी शेयरधारिता का मूल्य उन्हें भारत के कॉर्पोरेट टाइटन्स में सबसे ऊपर रखता है।
- अनुमानित मुआवज़ा (घोषित वेतन): ₹0 (शून्य), उन्होंने खुद को 15 करोड़ रुपये की सीमा तक सीमित रखा था, जिसे बाद में छोड़ दिया।
- सच्ची संपत्ति का स्रोत: उनकी आय का प्राथमिक स्रोत RIL में उनके विशाल शेयर होल्डिंग से प्राप्त लाभांश और स्टॉक मूल्य वृद्धि है।
- शिक्षा और करियर:
- शिक्षा: B.E. (केमिकल इंजीनियरिंग) ICT (मुंबई) से। उन्होंने MBA (Stanford University) से पढ़ाई छोड़ दी थी।
- करियर: 1981 में RIL में शामिल हुए, उन्होंने पेट्रोकेमिकल्स और जामनगर रिफाइनरी के निर्माण का नेतृत्व किया। Jio के साथ दूरसंचार क्रांति और Reliance Retail के माध्यम से संगठित रिटेल का विस्तार उनकी रणनीतिक दूरदर्शिता का प्रमाण है।
- लाभ (व्यक्तिगत): प्रमोटर और देश के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में, उनकी व्यक्तिगत संपत्ति Antilia जैसे लक्जरी आवास, निजी जेट और शीर्ष सुरक्षा व्यवस्था को कवर करती है।
शीर्ष CEO के वेतन में लाभ (Perks & Benefits) का महत्व
कार्यकारी मुआवजा केवल नकद राशि नहीं है। शीर्ष CEO को मिलने वाले लाभ उनकी स्थिति और जिम्मेदारी के अनुरूप होते हैं, और ये उनकी कुल जीवन-शैली लागत को काफी कम कर देते हैं:
- निवास और सुरक्षा: कई CEO को 2 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक आवास किराया भत्ते (HRA) या कंपनी-पट्टे वाले निवास स्थान मिलते हैं। निजी सुरक्षा भी एक गैर-परक्राम्य लाभ है।
- कर-कुशल संरचना: कई भत्ते (जैसे कार, ईंधन, क्लब सदस्यता) कर-मुक्त होते हैं, जिससे CEO के लिए वास्तविक आय बढ़ जाती है।
- सेवानिवृत्ति और स्वास्थ्य: इन भारतीय कॉर्पोरेट लीडर्स को कॉर्पोरेट टाइटन्स के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई व्यापक सेवानिवृत्ति योजनाएँ, Provident Fund (PF) और अतिरिक्त ग्रेच्युटी लाभ मिलते हैं।
निष्कर्ष: कार्यकारी मुआवजा और भारत के विकास का भविष्य (H2)
भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ की सूची लगातार बदल रही है, खासकर आईटी, फार्मा और नई ऊर्जा जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों में। संदीप कालरा और सी विजयकुमार जैसे पेशेवर CEO का 100 करोड़ के क्लब में प्रवेश स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारतीय बोर्ड प्रदर्शन, नवाचार और शेयरधारक मूल्य निर्माण को पुरस्कृत करने के लिए ग्लोबल मानदंडों के अनुसार कार्यकारी मुआवजा दे रहे हैं।
इन भारतीय कॉर्पोरेट लीडर्स के करियर से पता चलता है कि सफलता का मार्ग केवल भाग्य से नहीं, बल्कि IIT, IIM जैसी कठोर शैक्षणिक नींव, वैश्विक अनुभव, और दीर्घकालिक रणनीतिक दूरदर्शिता से होकर गुजरता है। जैसे-जैसे भारत इंक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, इन CEO का वेतन पैकेज न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि एक मजबूत और आक्रामक भारतीय अर्थव्यवस्था की महत्वाकांक्षाओं का भी प्रतिबिंब है।
(आपकी राय में, भारत का अगला सबसे अधिक वेतन पाने वाला सीईओ कौन होगा? नीचे टिप्पणी करें!)
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