अमेज़न गेम्स में बड़ी छँटनी और AAA गेम डेवलपमेंट पर लगा ब्रेक: गेमिंग इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव

1. बड़ी खबर: अमेज़न ने गेमिंग डिवीजन में की महत्वपूर्ण कटौती

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक अमेज़न (Amazon) ने अपने गेमिंग डिवीजन (Amazon Games) में बड़ी छँटनी (Layoffs) की घोषणा की है। अमेज़न गेम्स छँटनी (Amazon Games Layoffs) अमेज़न द्वारा घोषित 14,000 से अधिक कॉर्पोरेट कर्मचारियों की व्यापक छँटनी का हिस्सा है। इस कदम ने गेमिंग इंडस्ट्री और विशेष रूप से अमेज़न के महत्वाकांक्षी गेम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। https://www.aboutamazon.com/news/company-news/amazon-workforce-reduction

कंपनी के ऑडियो, ट्विच और गेम्स के उपाध्यक्ष (VP) स्टीव बूम द्वारा कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक मेमो के अनुसार, इन छँटनियों का असर अमेज़न गेम्स के इरविन (Irvine) और सैन डिएगो (San Diego) स्टूडियोज़ के साथ-साथ केंद्रीय पब्लिशिंग टीम पर भी पड़ा है।

2. AAA गेम डेवलपमेंट पर ब्रेक: गेमिंग रणनीति में बड़ा बदलाव

Amazon Games Layoffs

छँटनी के साथ, अमेज़न गेम्स ने अपनी रणनीति में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। कंपनी ने फर्स्ट-पार्टी AAA गेम डेवलपमेंट के एक महत्वपूर्ण हिस्से को रोकने का फैसला किया है, जिसमें ख़ास तौर पर MMOs (Massively Multiplayer Online games) शामिल हैं।

यह निर्णय अमेज़न की उस शुरुआती महत्वाकांक्षा से बिल्कुल उलट है, जिसके तहत कंपनी बड़े, महंगे और ग्राफिक-इंटेंसिव AAA गेम्स बनाकर गेमिंग बाज़ार पर हावी होना चाहती थी। हालांकि, कंपनी अपने मौजूदा सफल लाइव सर्विस गेम्स, जैसे कि New World और Lost Ark के पब्लिशिंग पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। https://variety.com/2025/gaming/news/amazon-games-layoffs-halt-aaa-development-1236563508/

मुख्य कारण:

  • लागत नियंत्रण (Cost Control): सीईओ एंडी जेसी की लागत-कटौती और परिचालन को सुव्यवस्थित (streamlining) करने की व्यापक योजना के तहत यह फैसला लिया गया है।
  • रणनीतिक पुनर्संतुलन: कंपनी अब उन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है जहाँ उच्च विकास की संभावना है, जैसे कि गेम पब्लिशिंग और प्राइम गेमिंग (Prime Gaming)
  • AI और ऑटोमेशन: व्यापक कॉर्पोरेट छँटनी का एक कारण अमेज़न का भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन पर अधिक भरोसा करना भी बताया जा रहा है, जो कुछ व्हाइट-कॉलर (white-collar) भूमिकाओं को प्रभावित कर सकता है।

3. अमेज़न की गेमिंग यात्रा: एक महंगा सबक

अमेज़न ने गेमिंग बाज़ार में प्रवेश करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया था, जिसका उद्देश्य EA और Activision Blizzard जैसे स्थापित दिग्गजों को चुनौती देना था। हालाँकि, कंपनी की गेमिंग यात्रा लगातार असफलताओं से भरी रही। इसके शुरुआती प्रोजेक्ट्स, जैसे Crucible और Breakaway, या तो लॉन्च के तुरंत बाद रद्द कर दिए गए या बुरी तरह विफल रहे। MMO टाइटल New World ने लॉन्च के समय रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की, लेकिन बाद में खिलाड़ियों को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया, जिसके कारण विकास टीम को लगातार भारी बदलाव करने पड़े। यह इतिहास दिखाता है कि AAA डेवलपमेंट एक अनिश्चित और महंगा प्रयास है, खासकर एक ऐसी कंपनी के लिए जिसकी मुख्य विशेषज्ञता ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग है। वर्तमान Amazon Games Layoffs और AAA प्रोजेक्ट्स को रोकने का निर्णय, वास्तव में, इस महंगे सबक का अंतिम परिणाम है। यह कदम इस बात को स्पष्ट करता है कि अमेज़न अब गेम डेवलपमेंट में जोखिम लेने के बजाय पब्लिशिंग पार्टनरशिप (जैसे Tomb Raider और Lord of the Rings प्रोजेक्ट्स) पर अधिक भरोसा करेगा, जिससे जोखिम कम हो और राजस्व की संभावना अधिक हो। Amazon Games Layoffs का सीधा मतलब यह है कि कंपनी अब अपने मूल सिद्धांत—ग्राहक केंद्रितता और दक्षता—को गेमिंग डिवीजन पर लागू कर रही है, उन प्रयासों को त्याग कर रही है जो लगातार लाभ नहीं दे रहे थे। यह पुनर्संरचना (restructuring) गेमिंग इंडस्ट्री में Amazon के भविष्य के दृष्टिकोण को निर्णायक रूप से बदलती है।

4. गेमिंग इंडस्ट्री पर असर

अमेज़न गेम्स का AAA डेवलपमेंट से पीछे हटना गेमिंग इंडस्ट्री में एक बड़ी प्रवृत्ति को दर्शाता है। बड़े गेम्स के विकास की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे बड़े टेक दिग्गज भी महंगे और जोखिम भरे प्रोजेक्ट्स से बच रहे हैं। अमेज़न की यह छँटनी माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी अन्य कंपनियों के बीच चल रहे व्यापक टेक इंडस्ट्री छँटनी के रुझान को भी दर्शाती है, जहाँ कंपनियाँ अपने संसाधनों को पुनर्व्यवस्थित (reallocate) कर AI और कोर बिज़नेस पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

संक्षेप में, अमेज़न गेम्स अब बड़ी-बजट वाली फर्स्ट-पार्टी गेमिंग की तुलना में अधिक लागत-कुशल और त्वरित पब्लिशिंग मॉडल की ओर बढ़ रहा है।

Read also : https://theswadeshscoop.com/8th-pay-commission-tor-approved-salary-hike/ https://theswadeshscoop.com/top-10-cars-under-8-lakh/ https://theswadeshscoop.com/tufan-montha-andhra-update/

Deepak Kumar Mishra

लेखक परिचय: दीपक कुमार मिश्रा (Hindi) दीपक कुमार मिश्रा एक ऐसे लेखक और विचारशील व्यक्तित्व हैं, जो विज्ञान और प्रबंधन की शिक्षा से लेकर आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक चेतना तक का संतुलन अपने लेखों में प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा मानव व्यवहार, नेतृत्व विकास और धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को समझने और उन्हें समाज में प्रसारित करने में समर्पित किया है। वे The Swadesh Scoop के संस्थापक (Founder) और संपादक (Editor) हैं — एक स्वतंत्र डिजिटल मंच, जो तथ्यपरक पत्रकारिता, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, तकनीक और समसामयिक विषयों को गहराई और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करता है। दीपक जी एक अनुभवी लाइफ कोच, बिज़नेस कंसल्टेंट और प्रेरणादायक वक्ता भी हैं, जो युवाओं, उद्यमियों और जीवन के रास्ते से भटके हुए लोगों को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। वे मानते हैं कि भारत की हज़ारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा न केवल आध्यात्मिक समाधान देती है, बल्कि आज की जीवनशैली में मानसिक शांति, कार्यक्षमता और संतुलन का भी मूलमंत्र है। उनका लेखन केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पाठकों को सोचने, समझने और जागरूक होने के लिए प्रेरित करता है। वे विषयवस्तु को इस प्रकार प्रस्तुत करते हैं कि पाठक केवल पढ़ता नहीं, बल्कि उसमें डूब जाता है — चाहे वह विषय आध्यात्मिकता, बिज़नेस स्ट्रैटेजी, करियर मार्गदर्शन, या फिर भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ी गहराइयाँ ही क्यों न हो। उनका मानना है कि भारत को जानने और समझने के लिए केवल इतिहास नहीं, बल्कि धर्म, दर्शन और अनुभव की आंखों से देखना ज़रूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने The Swadesh Scoop की स्थापना की, जो ज्ञान, जागरूकता और भारत की वैदिक चेतना को आधुनिक युग से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। 🌿 “धर्म, विज्ञान और चेतना के संगम से ही सच्ची प्रगति का मार्ग निकलता है” — यही उनका जीवन दर्शन है। 🔗 LinkedIn प्रोफ़ाइल: https://www.linkedin.com/in/deepak-kumar-misra/ ✍️ Author Bio: Deepak Kumar Mishra (English) Deepak Kumar Mishra is the Founder and Editor of The Swadesh Scoop, an independent digital platform focused on factual journalism, Indian knowledge systems, culture, technology, and current affairs presented with depth and clarity. He is a thoughtful writer and commentator who blends his academic background in science and management with a deep engagement in spirituality, Dharma, leadership development, and human behavior. Through his work, he seeks to promote clarity, awareness, and critical thinking over sensationalism. His writing goes beyond information and aims to inspire readers to reflect and engage deeply with ideas — whether the subject is spirituality, business strategy, career guidance, or the profound roots of Indian civilization. He believes that to truly understand India, one must look beyond history and view it through the lenses of Dharma, philosophy, and lived experience. With this vision, he founded The Swadesh Scoop to connect ancient Indian wisdom with modern perspectives through knowledge and awareness. 🌿 “True progress lies at the intersection of Dharma, science, and consciousness” — this is the guiding philosophy of his life.

Related Posts

जेफरी एपस्टीन फाइल्स: न्याय की अंतिम पुकार या राजनीति का नया मोहरा?

दिसंबर 2025 की सर्द सुबह अमेरिकी राजनीति और न्याय प्रणाली के लिए एक बड़ी तपिश लेकर आई है। 19 दिसंबर 2025 वह ऐतिहासिक तारीख है, जब अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice – DOJ) को एक सख्त कानून के तहत जेफरी एपस्टीन से जुड़े उन सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करना है, जो दशकों से धूल फांक रहे थे या जानबूझकर छिपाए गए थे। इस कानून, जिसे ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ (Epstein Files Transparency Act) कहा जाता है, ने दुनिया भर में कौतूहल पैदा कर दिया है। क्या वाकई कोई ‘क्लाइंट लिस्ट’ मौजूद है? क्या दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग जेल की सलाखों के पीछे होंगे? या फिर ‘नेशनल सिक्योरिटी’ के नाम पर एक बार फिर सच्चाई पर पर्दा डाल दिया जाएगा? https://www.theguardian.com/us-news/2025/dec/19/epstein-files-release-doj-december-deadline 1. कानूनी पृष्ठभूमि: एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट क्या है? इस पूरे मामले की जड़ में वह कानून है जिसे नवंबर 2025 में पारित किया गया था। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों (प्रतिनिधि सभा और सीनेट) ने लगभग सर्वसम्मति से इस बिल को मंजूरी दी। 2. फाइल्स का अंबार: आखिर क्या सार्वजनिक होने वाला है? विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डेटा रिलीज कई टेराबाइट्स (Terabytes) का हो सकता है। इसमें केवल कागजात ही नहीं, बल्कि डिजिटल साक्ष्य भी शामिल हैं। A. फ्लाइट लॉग्स (Flight Logs) का विस्तार अब तक हमने ‘लोलिता एक्सप्रेस’ के कुछ ही लॉग्स देखे हैं। लेकिन नए दस्तावेजों में उन उड़ानों का पूरा विवरण होने की उम्मीद है जो एपस्टीन के निजी द्वीप ‘लिटिल सेंट जेम्स’ तक जाती थीं। इसमें पायलटों के नोट्स, यात्रियों के हस्ताक्षर और ठहरने की अवधि का विवरण हो सकता है। B. एफबीआई (FBI) और एसडीएनवाई (SDNY) की गुप्त रिपोर्ट 2019 में एपस्टीन की जेल में संदिग्ध मौत के बाद, एफबीआई ने उसके न्यूयॉर्क स्थित घर और द्वीप से भारी मात्रा में सामग्री जब्त की थी। इसमें हार्ड ड्राइव, सीसीटीवी फुटेज और व्यक्तिगत डायरियां शामिल थीं। अब तक इनका केवल एक छोटा हिस्सा ही अदालत में पेश किया गया था। C. घिसलेन मैक्सवेल के बयान एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल, जो फिलहाल जेल में है, के कई बयान सीलबंद (Sealed) रखे गए थे। इन फाइल्स में उसके द्वारा लिए गए उन नामों का खुलासा हो सकता है जिन्होंने एपस्टीन के ‘सर्कल’ को संरक्षण दिया। 3. ‘क्लाइंट लिस्ट’ का रहस्य: कौन से नाम आ सकते हैं सामने? इंटरनेट पर ‘क्लाइंट लिस्ट’ शब्द काफी वायरल है। हालांकि तकनीकी रूप से कोई ऐसी सूची नहीं है जिस पर ‘क्लाइंट’ लिखा हो, लेकिन एपस्टीन की ‘ब्लैक बुक’ (Black Book) और फ्लाइट लॉग्स से जो नाम जुड़ते हैं, उन्हें ही जनता ‘क्लाइंट लिस्ट’ मानती है। 4. लीक हुई 95,000 तस्वीरें: एक नया मोड़ डेडलाइन से ठीक पहले, हाउस ओवरसाइट कमेटी के माध्यम से कुछ चौंकाने वाली तस्वीरें लीक हुई हैं। यह तस्वीरें एपस्टीन के वर्जिन आइलैंड्स स्थित घर की हैं। https://gemini.google.com/app/18016bb94af26a7d?is_sa=1&is_sa=1&android-min-version=301356232&ios-min-version=322.0&campaign_id=bkws&utm_source=sem&utm_source=google&utm_medium=paid-media&utm_medium=cpc&utm_campaign=bkws&utm_campaign=2024enIN_gemfeb&pt=9008&mt=8&ct=p-growth-sem-bkws&gclsrc=aw.ds&gad_source=1&gad_campaignid=20357620749&gbraid=0AAAAApk5Bhk3evmVakW3Gy0p-CzIOXiPj&gclid=Cj0KCQiAo4TKBhDRARIsAGW29bf9-ppBy3pTducDDT22plb5xCrtZdtcjd2w7bnnkMMEn-ygIGieAfIaAvTwEALw_wcB#:~:text=Ranking%20Member%20Robert%20Garcia%20Statement%20on%2095%2C000%20New%20Photos 5. रेडैक्शन (Redaction) और पारदर्शिता की चुनौती पारदर्शिता एक्ट में एक ‘सुरक्षा कवच’ भी शामिल है। अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के पास यह अधिकार है कि वह कुछ हिस्सों को ‘सेंसिटिव’ मानकर उन पर काली स्याही फेर दें (Redact कर दें)। 6. अमेरिकी राजनीति पर प्रभाव: 2026 के चुनावों की आहट यह रिलीज ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका 2026 के मध्यावधि चुनावों की तैयारी कर रहा है। 7. पीड़ितों का पक्ष: क्या उन्हें कभी न्याय मिलेगा? इस पूरे शोर-शराबे में अक्सर पीड़ितों की आवाज दब जाती है। वर्जीनिया गिफ्रे जैसी महिलाओं ने सालों तक लड़ाई लड़ी है ताकि दुनिया को पता चल सके कि बंद दरवाजों के पीछे क्या हुआ था। https://www.google.com/search?q=https://www.reuters.com/world/us/countdown-disclosure-epstein-deadline-tests-us-transparency-2025-12-15/ इन फाइल्स की रिलीज उनके लिए केवल ‘गॉसिप’ नहीं, बल्कि उनकी पीड़ा की आधिकारिक पुष्टि है। यदि ये दस्तावेज नए मुकदमों का आधार बनते हैं, तो यह मानवाधिकारों की एक बड़ी जीत होगी। 8. निष्कर्ष: 19 दिसंबर के बाद की दुनिया जेफरी एपस्टीन फाइल्स का सार्वजनिक होना केवल एक व्यक्ति के अपराधों की गाथा नहीं है, बल्कि यह उस तंत्र का पर्दाफाश है जो शक्तिशाली लोगों को कानून से ऊपर रखता है। 19 दिसंबर 2025 के बाद, दुनिया भर के खोजी पत्रकार और कानूनी विशेषज्ञ इन फाइल्स का विश्लेषण करेंगे। यह मुमकिन है कि रातों-रात कोई बड़ी गिरफ्तारी न हो, लेकिन सच्चाई का बाहर आना ही उन अपराधों को रोकने की दिशा में पहला कदम है जो अंधेरे में पनपते हैं। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) 1. क्या ‘क्लाइंट लिस्ट’ में भारत के भी किसी व्यक्ति का नाम है? अभी तक के फ्लाइट लॉग्स में कुछ भारतीय मूल के व्यापारियों के नाम देखे गए हैं, लेकिन किसी बड़े भारतीय राजनेता या…

Read more

Continue reading
OnePlus 15R और OnePlus Pad Go 2 का भारत में आगाज़: गेमिंग और परफॉरमेंस का नया दौर शुरू!

टेक दिग्गज OnePlus ने अपनी 12वीं वर्षगांठ के मौके पर बेंगलुरु में आयोजित एक भव्य इवेंट में दो नए दमदार डिवाइस—OnePlus 15R स्मार्टफोन और OnePlus Pad Go 2 टैबलेट को लॉन्च कर दिया है। ‘Rise as One’ थीम के साथ हुए इस इवेंट ने भारतीय टेक मार्केट में हलचल मचा दी है। जहाँ OnePlus 15R अपनी विशाल बैटरी और पावरफुल प्रोसेसर के लिए चर्चा में है, वहीं Pad Go 2 बजट सेगमेंट में 5G सपोर्ट लाने वाला कंपनी का पहला टैबलेट बन गया है। https://www.oneplus.com/global OnePlus 15R: परफॉरमेंस का नया ‘बाहुबली’ OnePlus की ‘R’ सीरीज हमेशा से कम कीमत में फ्लैगशिप अनुभव देने के लिए जानी जाती है, लेकिन 15R ने इस बार उम्मीदों को कहीं पीछे छोड़ दिया है। 1. अब तक की सबसे बड़ी बैटरी: OnePlus 15R की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7,400mAh की विशाल बैटरी है। यह किसी भी OnePlus फोन में अब तक की सबसे ज्यादा कैपेसिटी है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी हैवी गेमिंग और मल्टीटास्किंग के बावजूद दो दिन का बैकअप आसानी से दे सकती है। इसे चार्ज करने के लिए 80W की SuperVOOC फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है। 2. प्रोसेसर और डिस्प्ले: इस फोन में दुनिया का पहला Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट (co-engineered with Qualcomm) दिया गया है। गेमिंग लवर्स के लिए इसमें 165Hz का 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जो 1,800 nits की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। इसमें एक विशेष ‘Touch Response Chip’ भी है जो गेमिंग के दौरान इनपुट लैग को शून्य कर देता है। 3. कैमरा और ड्यूरेबिलिटी: फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर और 8MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस है। पहली बार R सीरीज में 32MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है जो 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। इसके अलावा, यह फोन IP66/IP68/IP69 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे पानी और धूल से पूरी तरह सुरक्षित बनाता है। OnePlus Pad Go 2: बजट में 5G और स्टाइल का संगम OnePlus ने अपने टैबलेट पोर्टफोलियो को विस्तार देते हुए Pad Go 2 को पेश किया है, जो खासतौर पर स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कीमत और उपलब्धता (Expected Price in India) हालांकि आधिकारिक कीमतें इवेंट के दौरान घोषित की गईं, लेकिन लीक्स और बाजार के रुझानों के अनुसार कीमतें कुछ इस प्रकार रहने की उम्मीद है: डिवाइस बेस वेरिएंट (RAM/Storage) अपेक्षित कीमत (₹) OnePlus 15R 12GB + 256GB ₹45,999 – ₹48,999 OnePlus Pad Go 2 8GB + 128GB (Wi-Fi) ₹19,999 – ₹22,999 OnePlus Pad Go 2 8GB + 256GB (5G) ₹24,999 के आसपास ये डिवाइस 18 दिसंबर से Amazon, Flipkart और OnePlus के ऑनलाइन/ऑफलाइन स्टोर्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। बैंक ऑफर्स के साथ इन पर ₹3,000 से ₹4,000 तक की अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है। निष्कर्ष: क्या आपको ये खरीदने चाहिए? अगर आप एक ऐसे यूजर हैं जिसे दिन भर चार्जिंग की चिंता नहीं चाहिए और गेमिंग आपका जुनून है, तो OnePlus 15R एक ‘नो-ब्रेन’ डील है। वहीं, अगर आप पढ़ाई या ऑफिस के काम के लिए एक सस्ता लेकिन फीचर-लोडेड टैबलेट ढूंढ रहे हैं, तो OnePlus Pad Go 2 (विशेषकर 5G वेरिएंट) एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा। आपका क्या सोचना है? क्या 7,400mAh बैटरी गेम चेंजर साबित होगी? हमें कमेंट्स में बताएं! Disclaimer: कीमतों और फीचर्स की जानकारी नवीनतम लीक्स और आधिकारिक टीज़र्स पर आधारित है। Read This: क्या एनर्जी ड्रिंक पीने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है? – वैज्ञानिक सच

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

शिव और शक्ति का दर्शन: अद्वैत से तंत्र तक

शिव और शक्ति का दर्शन: अद्वैत से तंत्र तक

योग: सूत्र, अनुभव और आधुनिक जीवन में प्रासंगिकता

योग: सूत्र, अनुभव और आधुनिक जीवन में प्रासंगिकता

मंदिर की घंटियों का विज्ञान: 7 सेकंड की गूँज और मस्तिष्क का न्यूरो-सिंक्रोनाइज़ेशन

मंदिर की घंटियों का विज्ञान: 7 सेकंड की गूँज और मस्तिष्क का न्यूरो-सिंक्रोनाइज़ेशन

तिलक और कलावा: 5000 साल पुराना भारतीय ‘Biohacking’ जिसे समझने में विज्ञान को सदियां लग गईं

तिलक और कलावा: 5000 साल पुराना भारतीय ‘Biohacking’ जिसे समझने में विज्ञान को सदियां लग गईं

यंत्र क्या है? — विज्ञान, शास्त्र और चेतना का संगम

यंत्र क्या है? — विज्ञान, शास्त्र और चेतना का संगम

तंत्र का समग्र परिचय: दर्शन, साधना और आधुनिक प्रासंगिकता

तंत्र का समग्र परिचय: दर्शन, साधना और आधुनिक प्रासंगिकता