क्या एनर्जी ड्रिंक पीने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है? – वैज्ञानिक सच

आज-कल बहुत से लोग एनर्जी ड्रिंक का सेवन करते हैं ताकि वे थकान मिटा सकें, अलर्ट रह सकें और काम के दबाव से निपट सकें। ऐसा माना जाता है कि ये ड्रिंक्स शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं — लेकिन क्या इसके लंबे और भारी इस्तेमाल के नुकसान हैं?

एक मेडिकल केस स्टडी में रिपोर्ट किया गया है कि एक स्वस्थ व्यक्ति ने रोजाना आठ एनर्जी ड्रिंक पीने के कारण स्ट्रोक (stroke) का सामना किया। दस्तावेज़ित स्टडी के अनुसार यह व्यक्ति एक सामान्य, फिट-फिट था, लेकिन अत्यधिक कैफीन सेवन के बाद उसका रक्तचाप खतरनाक स्तर पर पहुँच गया और अंततः स्ट्रोक का शिकार हो गया। Futurism

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल संयोग नहीं, बल्कि एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद उच्च कॉन्शट्रेशन वाला कैफीन, टॉरिन, ग्वाराना और अन्य स्टिमुलेंट्स के कारण हुई। EurekAlert!

एनर्जी ड्रिंक के मुख्य घटक और उनका प्रभाव

एनर्जी ड्रिंक आमतौर पर निम्न तत्वों से बने होते हैं:

✔️ कैफीन – मुख्य स्टिमुलेंट
✔️ टॉरिन, ग्वाराना, जिनसेंग – ऊर्जा-बढ़ाने वाले एक्सट्रेक्ट
✔️ चीनी या आर्टिफिशियल स्वीटनर – स्वाद व ऊर्जा ऊर्जा
✔️ अंतःक्रियात्मक पदार्थ – कभी-कभी बेहद उच्च प्रभाव वाले

इनमें से विशेष रूप से कैफीन उच्च मात्रा में होने के कारण हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है, जो समय-समय पर स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। EurekAlert!

कैफीन कितना सुरक्षित?

अमेरिकन FDA और कई स्वास्थ्य संस्थाएँ सुझाव देती हैं कि सामान्य वयस्क के लिए 400mg कैफीन प्रति दिन एक सुरक्षित सीमा है। लेकिन कई एनर्जी ड्रिंक्स में एक ही सर्विंग में 150mg – 500mg कैफीन होता है, और किसी व्यक्ति के रोज़ाना दो-तीन से अधिक सर्विंग लेना सुरक्षित सीमा से बहुत ऊपर हो जाता है। EurekAlert!

कैसे एनर्जी ड्रिंक स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकते हैं?

📍 1. उच्च रक्तचाप (Hypertension):
एनर्जी ड्रिंक का सेवन रक्तचाप को तेजी से बढ़ा सकता है — जैसा कि केस स्टडी में देखा गया व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 254/150 mmHg तक चला गया (बहुत खतरनाक स्तर). Medical Xpress

📍 2. कैफीन + अन्य स्टिमुलेंट का संयोजन:
टॉरिन और ग्वाराना जैसे घटक कैफीन के प्रभाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, और नसों की संवेदनशीलता प्रभावित होती है। EurekAlert!

📍 3. चीनी और स्वीटनर की भूमिका:
एनर्जी ड्रिंक्स में चीनी और आर्टिफिशियल स्वीटनर स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं — वे ब्लड शुगर स्पाइक्स, मोटापा, और हार्ट समस्याओं से जुड़ सकते हैं। Jagran

📍 4. युवा लोगों के लिए विशेष जोखिम:
खासकर युवा लोग और कॉलेज-स्टूडेंट्स जो लंबे समय तक इन ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, उनमें अनियमित हार्ट रिदम (Arrhythmia) और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएँ तेजी से देखी जा रही हैं। ndtv.in

क्या शोध इस संबंध को साबित करता है?

कई सिस्टमैटिक रिव्यू और स्टडी बताते हैं कि एनर्जी ड्रिंक सीधा स्ट्रोक का कारण नहीं होते, लेकिन वे हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) परिवर्तन जैसे जोखिमकारक प्रभाव डालते हैं, जो लंबे समय में स्ट्रोक और दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। PubMed

कुल मिलाकर, मेडिकल समुदाय की राय यह है कि यह क्षेत्र धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहा है — विशेष रूप से जब लोग इन ड्रिंक्स का अत्यधिक और बार-बार उपयोग करते हैं, तो गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव होने की संभावना बढ़ जाती है।

वास्तविक केस स्टडी — एक चेतावनी

एक ब्रिटेन के 50-साल के स्वस्थ व्यक्ति का केस था जिसमें रोज़ाना आठ कैन एनर्जी ड्रिंक की खपत से स्ट्रोक हुआ। उन्होंने लगभग 1,280mg कैफीन रोज़ाना लिया, जो कि मामूली उपभोग से तीन गुना ज्यादा है। इसके कारण उनका रक्तचाप खतरनाक रूप से बढ़ गया और थैलेमस (मस्तिष्क का हिस्सा) पर असर हुआ। The Guardian+1

डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती किया और ब्लड प्रेशर नियंत्रित किया, लेकिन लंबे समय तक उसके बाएँ हिस्से में सुन्नता और मोटर नियंत्रण में कमी जैसी जटिलताएँ बनी रहीं। The Guardian

यह केस बताता है कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की चेतावनी हो सकती है — खासकर उन लोगों के लिए जो नियमित रूप से भारी कैफीन का सेवन करते हैं।

स्ट्रोक क्या होता है?

स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क तक रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाता है — या तो नस ब्लॉक होने से (Ischemic stroke) या नस फटने से (Hemorrhagic stroke)। इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान होता है और व्यक्ति को चाल, बोल, संतुलन और संवेदनशीलता में समस्या हो सकती है। baystatehealth.org

लक्षण जिनका ध्यान रखें

अगर किसी व्यक्ति को निम्न लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

🔹 शरीर का एक हिस्सा सुन्न या कमजोर
🔹 बोलने में समस्या
🔹 संतुलन खोना
🔹 अचानक बहुत तेज़ सिरदर्द

एनर्जी ड्रिंक के सुरक्षित विकल्प

यदि आप ऊर्जा बढ़ाना चाहते हैं, तो इन सुरक्षित विकल्पों पर विचार करें:

✔️ पानी और नारियल पानी – प्राकृतिक हाइड्रेशन
✔️ ग्रीन टी – हल्का कैफीन, एंटीऑक्सिडेंट्स के साथ
✔️ फल और ताज़ा जूस – स्थायी ऊर्जा स्रोत
✔️ अच्छी नींद + संतुलित आहार – स्वाभाविक ऊर्जा

समर्थन और चेतावनी

हालांकि बेशुमार लोग एनर्जी ड्रिंक को त्वरित ऊर्जा बूस्ट मानते हैं, कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब चेतावनी दे रहे हैं कि इनका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

कुछ देशों में, जैसे UK, बच्चों के लिए एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर प्रतिबंध पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि यह युवा लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। The Scottish Sun

निष्कर्ष

एनर्जी ड्रिंक से तुरंत ऊर्जा मिल सकती है, लेकिन इसका अत्यधिक और लगातार उपयोग स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट रिदम में असामान्यताएँ और कई स्वस्थ्य जोखिमों से जुड़ा हुआ है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि इनका मध्यम और नियंत्रित उपयोग ही बेहतर है, और यदि आप ऊर्जा बढ़ाने के लिए कुछ लेना चाहते हैं, तो प्राकृतिक विकल्प हमेशा अधिक सुरक्षित रहते हैं।

Energy drinks and stroke risk (BMJ Case Reports)https://casereports.bmj.com/content/doi/10.1136/bcr-2025-267441

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Deepak Kumar Mishra

लेखक परिचय: दीपक कुमार मिश्रा (Hindi) दीपक कुमार मिश्रा एक ऐसे लेखक और विचारशील व्यक्तित्व हैं, जो विज्ञान और प्रबंधन की शिक्षा से लेकर आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक चेतना तक का संतुलन अपने लेखों में प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा मानव व्यवहार, नेतृत्व विकास और धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को समझने और उन्हें समाज में प्रसारित करने में समर्पित किया है। वे The Swadesh Scoop के संस्थापक (Founder) और संपादक (Editor) हैं — एक स्वतंत्र डिजिटल मंच, जो तथ्यपरक पत्रकारिता, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, तकनीक और समसामयिक विषयों को गहराई और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करता है। दीपक जी एक अनुभवी लाइफ कोच, बिज़नेस कंसल्टेंट और प्रेरणादायक वक्ता भी हैं, जो युवाओं, उद्यमियों और जीवन के रास्ते से भटके हुए लोगों को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। वे मानते हैं कि भारत की हज़ारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा न केवल आध्यात्मिक समाधान देती है, बल्कि आज की जीवनशैली में मानसिक शांति, कार्यक्षमता और संतुलन का भी मूलमंत्र है। उनका लेखन केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पाठकों को सोचने, समझने और जागरूक होने के लिए प्रेरित करता है। वे विषयवस्तु को इस प्रकार प्रस्तुत करते हैं कि पाठक केवल पढ़ता नहीं, बल्कि उसमें डूब जाता है — चाहे वह विषय आध्यात्मिकता, बिज़नेस स्ट्रैटेजी, करियर मार्गदर्शन, या फिर भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ी गहराइयाँ ही क्यों न हो। उनका मानना है कि भारत को जानने और समझने के लिए केवल इतिहास नहीं, बल्कि धर्म, दर्शन और अनुभव की आंखों से देखना ज़रूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने The Swadesh Scoop की स्थापना की, जो ज्ञान, जागरूकता और भारत की वैदिक चेतना को आधुनिक युग से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। 🌿 “धर्म, विज्ञान और चेतना के संगम से ही सच्ची प्रगति का मार्ग निकलता है” — यही उनका जीवन दर्शन है। 🔗 LinkedIn प्रोफ़ाइल: https://www.linkedin.com/in/deepak-kumar-misra/ ✍️ Author Bio: Deepak Kumar Mishra (English) Deepak Kumar Mishra is the Founder and Editor of The Swadesh Scoop, an independent digital platform focused on factual journalism, Indian knowledge systems, culture, technology, and current affairs presented with depth and clarity. He is a thoughtful writer and commentator who blends his academic background in science and management with a deep engagement in spirituality, Dharma, leadership development, and human behavior. Through his work, he seeks to promote clarity, awareness, and critical thinking over sensationalism. His writing goes beyond information and aims to inspire readers to reflect and engage deeply with ideas — whether the subject is spirituality, business strategy, career guidance, or the profound roots of Indian civilization. He believes that to truly understand India, one must look beyond history and view it through the lenses of Dharma, philosophy, and lived experience. With this vision, he founded The Swadesh Scoop to connect ancient Indian wisdom with modern perspectives through knowledge and awareness. 🌿 “True progress lies at the intersection of Dharma, science, and consciousness” — this is the guiding philosophy of his life.

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